थर्ड पार्टी ऐप्स अभी भी कर रहे हैं आपके मेल में सेंधमारी

नई दिल्ली इस साल जुलाई में खबरें आईं थीं कि थर्ड पार्टी ऐप्स गूगल के ईमेल प्लैटफॉर्म जीमेल को ऐक्सेस कर उसमें मौजूद जानकारी पढ़ सकते है। इसे लेकर उस वक्त गूगल की कड़ी आलोचना हुई थी। अब हाल ही में एक और रिपोर्ट आई है, जिसमें दावा किया गया है कि गूगल अभी भी जीमेल के ज़रिए थर्ड पार्टी ऐप्स को यूज़र्स के मेल और डेटा का ऐक्सेस दे रहा है। लेकिन गूगल ने थर्ड पार्टी ऐप्स को लेकर अपनी पॉलिसी का समर्थन किया है। गुरुवार को आई सीएनएनमनी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीमेल की सेटिंग अभी भी थर्ड पार्टी ऐप डिवेलपर्स को यूजर्स के मेल में जाकर उनकी निजी जानकारी देखने की इजाज़त दे रही है। यानी अभी भी थर्ड पार्टी ऐप्स यूज़र्स के मेल पढ़ रहे हैं और उनके निजी डेटा का हनन कर रहे हैं।

अमेरिकी सेनेटर्स को भेजे एक लेटर का हवाला देते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डिवेलपर्स तभी तक थर्ड पार्टीज़ के साथ डेटा और अन्य जानकारी शेयर कर सकते हैं, जबतक कि वे यूजर्स के साथ इस बात में पारदर्शितां बरतें कि वे किस तरह से उनका डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं। गूगल के पब्लिक पॉलिसी ऐंड गवर्नमेंट अफेयर्स फॉर द अमेरिकाज़ के वाइस प्रेज़िडेंट सूज़न मोलिनरी ने इस लेटर में कहा, ‘गूगल की पॉलिसी को यूजर्स भी आसानी से ऐक्सेस कर सकते हैं ताकि वे जीमेल के थर्ड पार्टी ऐप्स को अपने डेटा में घुसने की इजाज़त देने से पहले पॉलिसी को सही तरह से रिव्यू कर सकें, समझ सकें। वहीं इस साल जुलाई में वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया कि जीमेल की ऐक्सेस सेटिंग्स थर्ड पार्टी ऐप डिवेलपर्स और कंपनियों को यूजर्स के मेल और निजी जानकारी देखने की इजाज़त देती है। उस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जीमेल के पास सैंकड़ों थर्ड पार्टी ऐप डिवेलपर्स हैं, जो यूज़र्स की प्रिवेसी का हनन कर रहे हैं और गूगल अभी भी इन थर्ड पार्टी ऐप्स को जीमेल स्कैन करने की परमिशन दे रहा है। यानी कई सारे थर्ड पार्टी ऐप्स के पास यह सुविधा है कि जिन यूजर्स ने विभिन्न वेबसाइट्स पर न्यूज़लेटर्स को सब्सक्राइब किया है, वे जीमेल यूजर्स के इनबॉक्स को देख सकते हैं।

बाद में गूगल ने अपने ब्लॉग में कहा कि वह ऐसे डिवेलपर्स की सही तरह से जांच कर रहा है जिनके ऐप्स जीमेल के साथ इंटिग्रेट होते हैं। इससे एंटरप्राइज़ ऐडमिन्स और ग्राहकों को डेटा के आंकलन में पारदर्शिता के साथ-साथ इस बात पर भी कंट्रोल मिलता है कि उनके डेटा को कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है। गूगल क्लाउड के ट्रस्ट ऐंड पॉलिसी की डायरेक्टर सुजैन फ्रे ने कहा, ‘हम अन्य डिवेलपर्स की ऐप्लिकेशन्स को जीमेल के साथ इंटिग्रेट करने की हर संभव कोशिश करते हैं, जैसे कि ईमेल क्लाइंट, ट्रिप प्लानर्स और ग्राहक रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम) सिस्टम – ताकि आपके पास विकल्प हो कि आप अपने ईमेल अकाउंट किस तरह से ऐक्सिस और यूज़ करते हैं।’ वहीं 2017 में गूगल ने घोषणा की थी कि इसके कंप्यूटर जल्द ही अपने विज्ञापनों का निजीकरण करने के लिए अपने जीमेल यूजर्स के ईमेल पढ़ना बंद कर देंगे।

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