182 Views

राफेल डील को क्लीन चिट के बाद अमित शाह ने राहुल गांधी से पूछे सवाल

नई दिल्ली। राफेल डील पर कथित घोटाले के आरोप के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरकार को क्लीनचिट मिलने के बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कहा है कि राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सत्य की जीत हुई है। शाह ने राहुल पर हमला बोलते हुए कहा है कि राफेल सौदे को सुप्रीम कोर्ट के क्लीन चिट के बाद उन्हें वे सब सबूत देश के सामने रखने चाहिए, जिसके आधार पर वे सरकार पर आरोप लगाते आ रहे थे। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता कभी नहीं मानेगी कि चौकीदार चोर है। बता दें कि राहुल गांधी ने कई मंचों से पीएम मोदी पर घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा था देश का चौकीदार चोर है। एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि चुनाव में हानि-लाभ अलग बात है, लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़े मसले पर ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए। शाह ने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा है।
आपको बता दें कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी ने राफेल डील में कथित घोटाले का मामला जोर-शोर से उठाया था। शुक्रवार को इस मामले में दाखिल की गई सारी याचिकाओं को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राफेल डील के सौदे में किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली है। इसके बाद केंद्र सरकार और बीजेपी फ्रंट फुट पर आ गई है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राहुल गांधी को सलाह है कि सूरज के सामने कितनी भी मिट्टी उछाल लें, कीचड़ उछाल लें वह खुद पर गिरती है। एक सवाल के जवाब में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार इस मामले की संयुक्त संसदीय कमिटी (जेपीसी) की जांच से भाग नहीं रही है, लेकिन कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में क्यों नहीं गई तथ्यों के साथ, राहुल क्यों भाग रहे हैं।’ शाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले याचिकों, जिनमें अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा जैसे नेता शामिल रहे, कांग्रेस की बी टीम भी कहा है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को चुनौती है कि तथ्य लेकर सदन में चर्चा करें।
अमित शाह ने कहा, ‘आजादी के बाद एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने का इतना बड़ा प्रयास कभी नहीं हुआ। दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष ने किया। राहुल गांधी ने झूठ का सहारा लेने की एक नई राजनीति की शुरुआत की है। सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला ऐसी राजनीति के मुंह पर तमाचा है। सुप्रीम कोर्ट के अंदर अलग-अलग दायर की गई चार याचिकाओं के तहत मुख्यतया तीन चीजों पर सवाल उठाए गए थे। निर्णय प्रक्रिया, कीमत का मुद्दा और ऑफसेट पार्टनर। इन तीनों मुद्दों पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपना आदेश सुनाया है। निर्णय प्रक्रिया के प्रति असंदिग्ध रूप से संतुष्टि व्यक्त की है। रिकॉर्ड की डिटेल जांच कर सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग को ठुकरा दिया है। एयरक्राफ्ट की क्वॉलिटी और उसकी सामरिक जरूरत को भी सुप्रीम कोर्ट ने माना है।’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार पर राफेल डील में अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमित शाह ने इन आरोपों का भी जवाब दिया। शाह ने कहा, ‘कोर्ट ने प्राइस के डिटेल की जांच की है। अधिकारियों ने बताया है कि इससे देश को फायदा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे सहमति जताई है। कांग्रेस ने ऑफसेट पार्टनर के लिए हल्ला मचाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय जजमेंट के अंदर रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। यह आरोप लगाने वाले के मुंह पर तमाचा है।’
शाह ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में किसी को आर्थिक फायदा पहुंचाने का कोई तथ्य सामने नहीं आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अखबारी निवेदनों और बनाए गए परसेप्शन के आधार पर कोर्ट फैसला नहीं सुना सकती। राहुल गांधी को देश की जनता और सेना से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सेना के जवानों के अंदर सदेह पैदा करने की कोशिश की है। एयरक्राफ्ट खरीदने की प्रक्रिया को रोककर देश की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने का प्रयास किया है उसके लिए माफी मांगें। अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी से कुछ सवाल भी पूछे हैं। शाह ने कहा, ‘मेरा राहुल गांधी से सवाल है कि उन्होंने जो आरोप लगाए उसकी सूचना का आधार क्या है। आपको सूचना कौन देता था, देश की जनता इसे जानना चाहती है। 2001 में भारतीय वायुसेना ने अपनी जरूरत रखी थी। 2007 से आपकी सरकार ने सौदा करने की कोशिश की। 2014 तक सौदा क्यों नहीं हुआ। क्या इसमें कमिशन का अमाउंट तय होना बाकी था?’ शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने जितने सौदे किए सबमें कमिशनखोरी की जगह रखी। मोदी सरकार ने गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट डील की। बिचौलिए के लिए जगह ही नहीं रखा। मोदी सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाया। आपके सौदों में कभी क्वात्रोच्ची को मौका मिला, कभी मिशेल को मौका मिला। अब गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट डील को क्यों सही नहीं माना।’

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top