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IL&FS ने 400 करोड़ का स्टाफ लोन दे डाला था: SFIO

मुंबई। सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने कंपनी मामलों के मंत्रालय को दी गई अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा कि आईएलऐंडएफएस ने एंप्लॉयी ट्रस्ट को 400 करोड़ रुपये का कर्ज यह जानते हुए भी दे दिया था कि यह पैसा वापस नहीं मिलेगा। SFIO की जांच से यह भी पता चला कि पुराने मैनेजमेंट में शामिल प्रमुख लोगों ने कई अचल संपत्तियां और करोड़ों रुपये की चल संपत्तियां जुटा लीं। SFIO ने कहा है कि इस ट्रस्ट में IL&FS के पूर्व निदेशकों का दबदबा था। इन लोगों में फॉर्मर चेयरमैन और एमडी रवि पार्थसारथी, वाइस चेयरमैन हरि शंकरन, जॉइंट एमडी और सीईओ अरुण कुमार साहा, सीआईओ विभव कपूर और IL&FS फाइनैंशल के सीआईओ और एमडी आर सी बावा शामिल थे। ये लोग IL&FS की कई सब्सिडियरीज में निदेशकों की समिति के भी सदस्य थे।
ट्रस्ट का इस्तेमाल इन लोगों ने अपने किए गए फैसलों को लागू कराने और IL&FS ग्रुप की कंपनियों की कीमत पर खुद को मालदार बनाने में किया। SFIO ने कहा कि इस ट्रस्ट का कॉन्ट्रैक्ट अब तक छह बार बदला जा चुका है, जबकि इनमें से कुछ बदलाव IL&FS के निदेशक मंडल की इजाजत के बिना किए गए। रवि पार्थसारथी ने 98.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और चार अचल संपत्तियां होने की जानकारी दी थी। पूर्व एमडी हरि शंकरन ने 19.04 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और तीन अचल संपत्तियों की घोषणा की थी। पूर्व जॉइंट एमडी अरुण साहा ने 59.49 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और नौ अचल संपत्तियों की जानकारी दी थी। फॉर्मर सीईओ विभव कपूर ने 22.47 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और दो अचल संपत्तियों की जानकारी दी थी।
SFIO की रिपोर्ट में कहा गया, ‘इस ट्रस्ट को आईएलऐंडएफएस ग्रुप क्री कंपनियों के सभी कर्मचारियों के कल्याण के इरादे से बनाया गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल आईएलऐंडएफएस और ग्रुप कंपनियों की सिक्यॉरिटीज में आईएलऐंडएफएस और उसकी ग्रुप कंपनियों से ही लिए गए लोन का निवेश करने के लिए किया गया। इसके बाद इसका उपयोग इन शेयरों को मामूली कीमत पर ग्रुप मैनेजमेंट के चुनिंदा लोगों को देने या ये इन्वेस्टमेंट्स एक थर्ड पार्टी के हाथ बेचने और बिक्री से मिला पैसा मैनेजमेंट के चुनिंदा लोगों के बीच बांटने में किया गया।’ मामले की जानकारी रखने वाले एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि SFIO ने कहा है कि IL&FS वेलफेयर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है और इसे कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी जरूरतों का ध्यान रखने के लिए बनाया गया था। SFIO की रिपोर्ट नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल मुंबई के पास जमा की गई। ट्रस्ट पर 500 करोड़ रुपये का बकाया है। उसके पास आईएलऐंडएफएस लिमिटेड में 12 प्रतिशत हिस्सा है।

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