राउरकेला, १२ जनवरी। टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर पुराना गौरव लौटाने की दिशा में पहला कदम रख चुकी भारतीय हॉकी टीम शुक्रवार को स्पेन के खिलाफ पुरुष हॉकी विश्व कप के पहले मैच में उतरेगी तो उसका इरादा विश्व कप में पदक के लिये ४८ साल का इंतजार खत्म करने का होगा। ओलंपिक में आठ स्वर्ण पदक जीत चुकी भारतीय टीम ने एकमात्र विश्व कप १९७५ में कुआलालम्पुर में अजितपाल सिंह की कप्तानी में जीता था। रीड के २०१९ में कोच बनने के बाद से भारत का कद अंतरराष्ट्रीय हॉकी में बढा है। इस वर्ष एफआईएच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर में से हैं। उनके अलावा अनुभवी गोलकीपर पी आर श्रीजेश, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और मनदीप सिंह पर सफलता का दारोमदार होगा। डिफेंडर अमित रोहिदास भी काफी अनुभवी हैं और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ भी हैं। फॉरवर्ड आकाशदीप सिंह पर भी सभी की नजरें होंगी। भारत का सामना स्पेन से होगा और मेजबान की मंशा जीत के साथ शुरूआत करने की होगी ताकि क्वार्टर फाइनल में सीधे जगह बना सके। हर ग्रुप से शीर्ष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी और दूसरे तथा तीसरे स्थान की टीमों के बीच क्रॉसओवर मैच होंगे। भारत और स्पेन का मैच शाम ७ बजे से शुरू होगा।



