नयी दिल्ली ,१० मई । निवेश सूचना एवं क्रेडिट रेटिंग सेवाएं देने वाली एक फर्म के अनुसार रूस-यूक्रेन संघर्ष से विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में तेजी इस समय विमानन सेवा क्षेत्र की दशा में सुधार की प्रक्रिया के सामने बड़ा खतरा बनकर खड़ी हुयी है।
इंवेस्टमेंट इंफोर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया (इकरा) ने जारी एक रिपोर्ट में कहा है, मई २०२२ में एटीएफ की कीमतों में वार्षिक आधार पर ८९ प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी है। रूस के यूक्रेन पर हमले के कारण उत्पन्न भू-राजनैतिक तनावों के चलते कच्चे तेल के दामों में उछाल आया है जिससे व्यवसाय जगत के सामने चुनौतियां पैदा हुयी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एटीएफ की बढ़ती कीमत चालू वित्त वर्ष में उड्डयन उद्योग के कारोबार पर बड़ा असर डाल सकती हैं। सामान्य स्थिति बहाल होने पर कुल मिलाकर विमानों में भरी सीटों का अनुपात सुधरेगा जिससे एयरलाइन कंपनियों के राजस्व में सहायता मिलेगी। लेकिन वित्त वर्ष २०२२-२३ में एटीएफ की कीमतों में तेजी का भारतीय विमानन कंपनियों की आय पर असर होगा।
रेटिंग्स एजेंसी ने कहा कि अप्रैल २०२२ में घरेलू विमान यातायात कोरोना से पहले के समय की तुलना में पांच प्रतिशत कम रहा पर माह के दौरान घरेलू एयरलाइनों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यात्रियों की संख्या कोरोना से पहले के स्तर को पार कर गयी।



