नई दिल्ली ,४ मई । केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने भारत को अक्षय ऊर्जा (आरई) में निवेश के लिए सबसे बेहतर जगह बताते हुए, जर्मन ऊर्जा कंपनियों को देश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रमुख जर्मन ऊर्जा कंपनियों के साथ वर्चुअल गोलमेज बैठक में, श्री सिंह ने कहा कि भारत पहले से ही दुनिया में सबसे बड़ी आरई क्षमता में से एक है और आरई क्षमता वृद्धि की दर सबसे तेज भी है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने उपयोग के लिए बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया में कुछ सबसे बड़ी क्षमताओं को भी जोड़ देगा और बढ़ती वैश्विक मांग को भी पूरा करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में ग्रीन हाइड्रोजन के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक होगा, साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने जर्मन कंपनियों को कहा कि भारत की योजना अपतटीय क्षेत्र में पवन उर्जा की महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगी।



