नई दिल्ली। हैकरों ने एक बार फिर ऑन लाइन पेमेंट एप प्रयोग करने वालों की चिंता बढ़ा दी है। हैकरों ने कहा है कि उन्होंने मोबिक्विक के 9.9 करोड़ भारतीय प्रयोगकर्ताओं के डाटा हैक कर लिया है और इसे डार्क वेब पर बेचने की तैयारी चल रही है। इस डाटा में मोबाइल फोन नंबर, बैंक खाते का ब्योरा, ई-मेल और क्रेडिट कार्ड नंबर शामिल हैं। उधर मोबीक्विक कंपनी ने इसका खंडन भी किया है और कोई डाटा लीक न होने का दावा किया है। अब जानते हैं मोबिक्विक क्या है। असल में यह एक पेमेंट एप है। इससे मोबिक्विक का इस्तेमाल करके फोन रिचार्ज किया जा सकता है, बिल जमा किए जा सकते हैं और कई जगहों पर भुगतान भी किया जा सकता है। मोबिक्विक से मौजूदा समय में करीब 30 लाख से भी अधिक ट्रेडर्स और रिटेलर्स जुड़े हुए हैं। साइबर सुरक्षा विश्लेषक राजशेखर राजहरिया ने इस बारे में भारतीय रिजर्व बैंक, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम, पीसीआइ मानक और भुगतान प्रौद्योगिकी कंपनियों को भी लिखित में सूचित किया है। एक हैकर समूह जार्डनेवन ने डाटाबेस का लिंक न्यूज एजेंसी को भी ई मेल किया। हैकर कंपनी से पैसा लेने की मांग कर रहे हैं।



