नई दिल्ली,27 जून। भारत सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले साल शुरू हुए किसान आंदोलन को आज 7 महीने पूरे हो गए। इस मौके पर किसानों ने देशभर में आज फिर बड़ा प्रदर्शन बुलाया है। देशभर में किसानों ने राज्यों के गवर्नर और यूनियन टेरिटरीज के लेफ्टिनेंट गवर्नर से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कई जगहों से झड़प की खबरें भी आईं। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की अफवाह भी उड़ी।
दिल्ली के एलजी अनिल बैजल से मिलने सुबह 6 किसान नेता पहुंचे थे, लेकिन अभी तक उनकी एलजी से मीटिंग नहीं हुई है। राकेश टिकैत का कहना है कि किसान नेता उनसे मिलने गए थे, लेकिन अभी उनकी मीटिंग नहीं हुई है। उन्हें अलग-थलग बैठा दिया गया है। टिकैत ने ये भी कहा कि मीटिंग के बाद ही तय करेंगे कि आगे क्या करना है।
इस दौरान राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबरें सोशल मीडिया पर चलने लगी थी। कई लोग उनकी गिरफ्तारी का दावा करते दिखाई दिए। हालांकि, खुद राकेश टिकैत और दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी को महज अफवाह बताया है। राकेश टिकैत ने ट्वीट कर भी अपनी गिरफ्तारी की खबरों को भ्रामक बताया है। इसके अलावा उन्होंने न्यूज एजेंसी से बातचीत में भी कहा कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस युधवीर सिंह नाम के शख्स को लेकर गई है और नाम को लेकर कुछ कन्फ्यूजन हो गया। वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से भी ट्वीट कर इसे फेक न्यूज बताया गया। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबर झूठी है। पुलिस ने लिखा है कि उन्हें शक है ऐसी गलत खबरें सोशल मीडिया पर उड़ाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
कृषि आंदोलन को लेकर किसानों ने आज फिर बड़ा प्रदर्शन बुलाया है। किसानों का कहना है कि अगर कानून वापस नहीं लिए गए तो जो आंदोलन 7 महीनों से चल रहा है, वो अगले 7 साल तक भी चलता रहेगा। दिल्ली में भी 6 किसान नेताओं ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को ज्ञापन सौंपा।
गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े तीन कानून लागू किए थे। इन्हीं तीन कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसानों की मांग है कि इन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए जबकि केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों की वापसी से इनकार करते हुए आवश्यकतानुसार सुधार की बात कही है।



