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संडे को सुपर मुकाबला, फाइनल का टिकट चाहेगा भारत

नई दिल्ली टीम इंडिया एशिया कप खिताब की सबसे मजबूत दावेदार है। टूर्नमेंट में अभी तक टीम इंडिया का अजेय अभियान जारी है और संडे को टूर्नमेंट में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की टीमें सुपर मुकाबले में भिड़ेंगी। अभी तक इस टूर्नमेंट में अजेय टीम इंडिया संडे को भी पाकिस्तान को हराकर फाइनल का टिकट कटाना चाहेगी। इस टूर्नमेंट में विराट की गैर मौजूदगी में टीम की कमान रोहित शर्मा संभाल रहे हैं। हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ पहले मैच में वह भले ही जल्दी आउट हो गए थे, लेकिन इसके बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ वह (52 और 83*) दो हाफ सेंचुरी जड़कर अपनी फॉर्म दर्शा चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भारत के मैच हमेशा ही महत्वपूर्ण होते हैं और ऐसे में एक बार फिर रोहित से उम्दा परफॉर्मेंस की उम्मीद होगी।

शिखर धवन इंग्लैंड में खेली गई टेस्ट सीरीज में जरूर फ्लॉप हुए और इसके बाद वह आलोचकों के निशाने पर भी थे। लेकिन सीमित ओवर के क्रिकेट में उन्होंने एक बार फिर दर्शा दिया है कि सफेद गेंद के वह माहिर खिलाड़ी हैं। इस टूर्नमेंट में अब तक खेली गईं 3 पारियों में वह एक शतक समेत 213 रन बना चुके हैं। भारत को ओपनिंग पर अच्छा स्टार्ट मिल जाए, तो वह बाकी का काम बखूबी करना जानता है। गब्बर से पाकिस्तान के खिलाफ एक बार फिर ऐसी ही आशाएं हैं। 15 महीने बाद वनडे क्रिकेट में लौटे रविंद्र जडेजा इस टूर्नमेंट का हिस्सा नहीं थे। लेकिन हार्दिक समेत 3 खिलाड़ियों चोटिल होकर बाहर हुए, तो जड्डू को मौका मिल गया। आते ही उन्होंने बोलिंग में अपना जलवा बिखेरा और 29 रन देकर 4 विकेट हासिल कर वह मैन ऑफ द मैच भी बन गए। जड्डू ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि इस बार वह इस मौके को गंवाना नहीं चाहते और अब सिर्फ बोलिंग ही नहीं वह बैटिंग के लिए भी दृढ़ संकल्प हैं। ऐसे में विरोधी टीम के लिए जड्डू का यह जोश खतरनाक साबित होगा।

भले ही यूएई की तेज गर्मी और सूखी पिचों पर स्विंग और पेस बोलिंग को कोई खास मदद न हो। लेकिन पाकिस्तान और बाग्लादेश के खिलाफ 3-3 विकेट लेकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह किसी भी पिच पर घातक बोलिंग करने वाले गेंदबाज हैं। फाइनल में पहुंचने के लिए भुवी एक बार फिर अपना जलवा दिखाने को तैयार होंगे। धीमी पिचों पर धीमी गति से बोलिंग करने वाला बोलर मिल जाए, तो फिर कहना ही क्या? यूएई के मुश्किल हालात में बोलिंग करना आसान नहीं है। ऐसे में जाधव मोर्चा संभालते हैं और वह पार्ट टाइम नहीं बल्कि फुल टाइम बोलर की तरह विकेट झटकते हैं और रनों पर लगाम लगाए रखते हैं। इसके अलावा छठे या 7वें नंबर पर तेजी से रन बनाने में भी माहिर हैं। धोनी इस टीम के लिए कितने अहम खिलाड़ी हैं यह बात किसी से छिपी नहीं हैं। मुश्किल हालात में टीम को गाइड करना हो या फिर खुद चार्ज लेकर भारत की जीत तय करनी हो। माही इनसे पीछे नहीं हटते। धोनी ने भले अभी तक इस टूर्नमेंट में 33 रन ही बनाए हों, लेकिन वह कभी भी मैच का पासा पलट सकते हैं और इसलिए हमेशा विरोधी टीमों की रडार पर रहते हैं। अभी टूर्नमेंट में भारत का सफर आधा तय हुआ है, तो ऐसे में यह तय है कि उनका बल्ला आग जरूर उगलेगा।

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