जमाल खशोगी मर्डर केस में सऊदी के बदलते रंग, दुनिया पूछ रही सवाल

रियाद। पत्रकार जमाल खशोगी की मौत को लेकर सऊदी अरब ने जिस तरह से बार-बार अपना स्टैंड बदला है, उसे लेकर पूरी दुनिया में काफी किरकिरी हो रही है। इस्तांबुल में सऊदी के वाणिज्यिक दूतावास में पत्रकार की हत्या की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। यूरोपियन यूनियन, जर्मनी की चांसलर समेत कई और बड़े दिग्गज नेताओं ने इस हत्या पर सऊदी के क्राउन प्रिंस को आड़े हाथों लिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, यूरोपियन यूनियन के नेताओं समेत कई और बड़ी हस्तियों ने इस मामले में सऊदी के सत्ताधीशों से जवाब मांगा है। पत्रकार खशोगी 2 अक्टूबर को सऊदी दूतावास में आखिरी बार देखे गए थे, उसके बाद वह लापता हो गए। शुरुआत में सऊदी ने पत्रकार खशोगी की हत्या की आशंका से इनकार किया था। हालांकि, शनिवार को पत्रकार खशोगी की हत्या की पुष्टि कर दी गई। वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार की दूतावास में परिचर्चा के दौरान गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद सऊदी के किंग सलमान ने क्राउन प्रिंस के पर कतरे। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के दो सलाहकारों को हटा दिया और 18 लोगों को इस केस में अरेस्ट किया गया है। तुर्की पत्रकार के लापता होने के बाद से ही हत्या का दावा किया था। पत्रकार का शव अभी तक नहीं मिला है और सऊदी के प्रमुख टेलिविजन चैनल अल अरबिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि क्राउन प्रिंस को इस ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं थीष अल-कतहानी ने किंग के आदेश के बाद अपने ट्विटर परिचय में से शाही कोर्ट सलाहकार हटा लिया है। सऊदी के न्याय मंत्री ने देर शाम को बयान जारी कर कहा है कि इस केस की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अमेरिका और सऊदी अरब के बीच मजबूत संबंध हैं। हालांकि, पत्रकार खशोगी की हत्या को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले अंजाम भुगतने की बात कही थी। ट्रंप ने साथ ही स्पष्ट किया था कि सऊदी के साथ होनेवाली हथियार डील का इस पर असर नहीं पड़ेगा। अमेरिका की पश्चिम एशिया और तुर्की को लेकर जो रणनीति है, उसमें सऊदी अरब एक महत्वपूर्ण साझीदार है।

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