150 Views

वोटर शिवराज से नहीं, मोदी सरकार से थे नाराज!

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुकाबले में बीजेपी को लगभग बराबरी पर लाने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बड़ी भूमिका रही है। राज्य के राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि बीजेपी की सीटें घटने का कारण केंद्र सरकार की नीतियों से जनता की नाराजगी है। इसके पीछे जल्दबाजी में GST लागू करने, नोटबंदी और चुनाव से पहले फ्यूल की कीमतें बढ़ने जैसे कारण हैं। बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 114 और बीजेपी को 109 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, पिछले चुनाव में बीजेपी को रेकॉर्ड 165 सीटें मिली थीं। चौहान के नजदीकी माने जाने वाले बीजेपी के एक नेता ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, ‘राज्य में चौहान से वास्तव में नाराजगी नहीं थी। लोग भले ही उनके चेहरे से थक गए हों, लेकिन उनसे नफरत नहीं थी। बीजेपी के इस बार के चुनाव में कांग्रेस को बराबरी की टक्कर देने का बड़ा कारण भी राज्य में चौहान की लोकप्रियता है। विशेषतौर पर महिला मतदाता उन्हें पसंद करती हैं।’
हालांकि, चौहान को अपनी कुछ टिप्पणियों से नुकसान भी उठाना पड़ा है। उनकी एक टिप्पणी से बीजेपी का परंपरागत वोट बैंक रही ऊपरी जातियां और ओबीसी गुस्से में थे। चुनाव प्रचार से जुड़े रहे बीजेपी के एक नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव समाप्त करने के लिए एससी/एसटी ऐक्ट ऑर्डिनेंस को लाने को लेकर भी ये जातियां नाराज थी। उनका कहना था, ‘राम मंदिर को लेकर बीजेपी कहती है कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। लेकिन एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वह एक ऑर्डिनेंस के जरिए पलट देती है। लोगों ने इसी को लेकर सवाल उठाया था।’ हालांकि, चौहान ने अपनी ओर से इस नाराजगी को कम करने की कोशिश की थी और चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को आश्वासन दिया था कि उपयुक्त जांच के बिना एससी/एसटी मामलों में कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। बीजेपी नेता ने कहा, ‘चौहान ने अपनी पूरी कोशिश की थी। हमने जो सीटें जीती हैं वे उनकी वजह से हैं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में केवल 10 रैलियां की थी और चुनाव प्रचार चौहान के चेहरे पर ही केंद्रित था। चौहान ने चार महीने के प्रचार के दौरान पूरे राज्य का दौरा किया था और अपनी जन आशीर्वाद यात्रा और रैलियों के दौरान प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो बार गए थे। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तीन बार के मुख्यमंत्री के तौर पर चौहान के प्रदर्शन और उनकी ओर से शुरू की गई योजनाओं और कार्यक्रमों की बराबरी करना कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल होगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top