141 Views

भारत ने पाकिस्तान को असफल देश बताकर फिर लताड़ा

नई दिल्ली, 16 सितंबर। हर मौके पर कश्मीर का राग अलापने वाले आतंक के आका पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर से सबके सामने लताड़ा है और कहा है कि पाकिस्तान जैसे असफल देश से हमें सबक लेने की जरूरत नहीं है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में कश्मीर मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) की बुधवार को आलोचना करते हुए कहा कि ओआईसी ने लाचार होकर खुद पर पाकिस्तान को हावी हो जाने दिया। यूएनएचआरसी के 48 वें सत्र में भारत ने कहा कि पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर एक ऐसा देश करार दिया गया है जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों सहित अन्य आतंकवादियों का सरकार की नीति के तहत खुल कर समर्थन करता है, प्रशिक्षण देता है, वित्त पोषण करता है और हथियार मुहैया करता है। जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन बाधे ने भारत की ओर से यह कहा। उन्होंने पाकिस्तान और ओआईसी द्वारा कश्मीर पर की गई टिप्पणी का जवाब देने के भारत के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उसे (भारत को) पाकिस्तान जैसे नाकाम मुल्क से सबक सीखने की जरूरत नहीं है, जो आतंकवाद का केंद्र है और मानविधकारों का घोर हनन करता है। पवन बाधे ने कहा कि भारत के खिलाफ अपने झूठे और दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार के लिए यूएनएचआरसी के मंच का दुरूपयोग करने की पाकिस्तान की आदत सी हो गई है। उन्होंने कहा कि परिषद पाक के कब्जे वाले क्षेत्रों सहित पाकिस्तान के अन्य इलाकों में उसकी सरकार द्वारा किये जा रहे मानवाधिकारों के सर्वाधिक हनन की ओर से ध्यान भटकाने की कोशिशों से वाकिफ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसे नाकाम मुल्क से विश्व के सबसे बड़े व जीवंत लोकतंत्र भारत को कोई सबक सीखने की जरूरत नहीं है। भारतीय राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान सिख, हिंदू, ईसाई और अहमदिया सहित अपने अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहा है। बाधे ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में हजारों की संख्या में महिलाओं व लड़कियों का अपहरण किया गया, जबरन शादियां कराई गई और धर्मांतरण कराया गया है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रणालीगत उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण, लक्षित हमलों, सांप्रदायिक हिंसा और धर्म आधारित भेदभाव करने में संलिप्त रहा है।’ बाधे ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के उपासना स्थलों, उनकी सांस्कृतिक धरोहरों व उनकी निजी संपत्ति पर हमलों तथा हिंसा की घटनाएं खुली छूट के साथ हुई हैं। उन्होंने पाकिस्तान से आतंक की फैक्ट्री चलाने जैसे दुष्ट कर्मों से बाज आने को भी कहा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top