154 Views

भारत कनाडा में उच्चायोग, वाणिज्य दूतावासों में कुछ वीज़ा सेवाएं फिर से शुरू कर रहा है

ओटावा में भारतीय दूतावास ने घोषणा की कि भारत कनाडाई लोगों के लिए अपनी कुछ कैटेगरी की वीज़ा सेवाएं फिर से शुरू कर दी है। कनाडा में भारतीय उच्चायोग ने प्रवेश वीजा, बिजनेस वीजा, मेडिकल वीजा और कॉन्फ्रेंस वीजा की सेवाएं 26 अक्टूबर से फिर से शुरू कर दी हैं। यह कदम कैनेडा की धरती पर एक सिख अलगाववादी की हत्या पर एक हाई-प्रोफाइल विवाद में तनाव को कम कर सकता है। हालांकि अभी भी पर्यटक, छात्र, रोजगार और फिल्म वीजा फिर से शुरू नहीं किया गया है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार इसपर फैसले लेने के लिए भारतीय सरकार ने आश्वासन दिया है। फिर भी इस फैसले को ऐसे कदम के रूप में देखा जा रहा है जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है।

भारतीय उच्चायोग के बयान में कहा गया है कि सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा के बाद और इस संबंध में हाल के कुछ कनाडाई उपायों को ध्यान में रखते हुए, वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। कनाडा में भारतीय उच्चायोग की विज्ञप्ति में कहा गया है कि ओटावा में भारतीय उच्चायोग और टोरंटो एवं वैंकूवर में उसके महावाणिज्य दूतावास सुरक्षा कारणों से वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने के लिए मजबूर हुए थे।

 

आपको बता दें कि कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सार्वजनिक रूप से भारतीय खुफिया एजेंसियों को कैनेडाई नागरिक और खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ा था। इसके बाद से भारत और कैनेडा के बीच संबंधों में खिंचाव बढ़ता चला गया।

भारत ने कहा था कि अगर कैनेडा के पास इससे जुड़ा कोई सबूत है, तो उसे दिखाया जाए लेकिन कैनेडा की ओर से निज्जर की हत्या से जुड़ा कोई भी सबूत भारत के साथ साझा नहीं किया गया। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कनाडा में हुई किसी हत्या से उसका कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद से भारत ने कैनेडा हाई कमीशन के 41 सदस्यों को देश छोड़ने का निर्देश दिया था। 20 अक्टूबर तक ये सदस्य भारत से जा चुके थे। यह निर्णय कनाडा के यह कहने के बाद आया कि नई दिल्ली ने चेतावनी दी थी कि वह उनकी राजनयिक छूट छीन लेगा – जिसे कैनेडाई अधिकारियों ने जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन बताया था।

अब चूंकि फिर से कुछ वीजा सेवाएं जिसमें प्रवेश वीजा, बिजनेस वीजा, मेडिकल वीजा और कॉन्फ्रेंस वीजा आदि सेवाएं फिर शुरू हो चुकी हैं तो इसका फायदा मरीजों और व्यापारियों को खास तौर पर होगा। वहीं पर्यटक, छात्र, रोजगार और फिल्म वीजा का लोगों को अभी भी इंतजार है। पर इस कदम से दोनों देशों की रिश्तों में थोड़ी गर्माहट आएगी ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।

Scroll to Top