अमृतसर,23 अक्टूबर। पंजाब सरकार ने प्रवासी भारतीयों की मुश्किलों को दूर करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स कॉल सेंटर बनाने का फैसला किया है। जहां सिर्फ एक फोन कॉल के जरिए उनकी हर समस्या दूर की जाएगी। राज्य के एनआरआई मामलों के मंत्री परगट सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह कॉल सेंटर 24 घंटे काम करेगा।
उन्होंने कहा कि कई बार प्रवासी भारतीयों को एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कागजी कार्रवाई, तकनीकी कारण या किसी गलतफहमी की वजह से रोक लिया जाता है। ऐसे में वो घबरा जाते हैं। दस्तावेज सही होने के बावजूद उन्हें परेशानी होती है। इस सेंटर में बैठने वाले ऐसी समस्याओं के माहिर होंगे। जो विदेशों में रहने वाले पंजाबियों की परेशानी को दूर करेंगे। जल्द ही कॉल सेंटर के नंबर सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
इसके अलावा विदेश जाने के इच्छुक लोगों को अभी सर्टिफिकेट वैरिफिकेशन के लिए चंडीगढ़़ आना पड़़ता है। अब उन्हें घर बैठे यह सुविधा मिलेगी। इसके लिए सरकार ऑनलाइन माध्यम तैयार करेगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक घर के नजदीक सांझ या सुविधा केंद्रों से सर्टिफिकेट ले सकेंगे।
मंत्री परगट सिंह ने कहा कि जमीन-जायदाद, शादी से जुड़े़ विवादों को लेकर भी एनआरआई को काफी परेशानी होती है। इनको हल करने में भी देरी होती है। इसके लिए उनका विभाग, पुलिस और रेवेन्यू डिपार्टमेंट से तालमेल करेगा। जिसके लिए हर जिले में एक अफसर की नियुक्ति होगी। जो तालमेल कर एनआरआई की मदद करेगा।
गौरतलब है कि दुनिया के कई देशों में पंजाबी बसे हुए हैं। वह कभी-कभी ही पंजाब आते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट पर उन्हें काफी औपचारिकता करनी पड़़ती है। जिस वजह से वहां उन्हें देरी हो जाती है। इसको लेकर कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। वहीं, पंजाब में एनआरआई से जुड़े़ जमीन के ढेरों विवाद हैं। उनके विदेश जाने के बाद प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के अलावा धोखाधड़ी़ कर आगे बेचने के भी कई केस चल रहे हैं। सरकार की मंशा इस तरह की धोखाधड़ी दूर करने के साथ विदेश में रह रहे पंजाबियों की समस्याओं को हल कर उन्हें अपने नजदीक लाने की है।



