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देवी को आपत्तिजनक रूप में दिखाने पर डायरेक्टर के ख़िलाफ़ केस दर्ज़, – हिंदू फोबिया से ग्रस्त डायरेक्टर पहले भी कर चुकी है विवादित ट्वीट

टोरंटो,०५ जुलाई। एक तरफ जहां उदयपुर के नाम पर बवाल मचा है तो वहीं कैनेडा में मां काली का एक ऐसा पोस्टर जारी किया गया है जिसने विश्व भर के हिंदू समाज के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। ये पोस्टर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का है और इस पोस्टर में मां काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है, इतना ही नहीं, पोस्टर में मां काली के हाथ में (LGBTQ का) प्राइड फ्लैग भी लगाया गया है, अब इसी झंडे पर हंगामा बरपा है। बाइसेक्चुअल्स,ट्रांसजडेडर और क्वीर को मानने वाले कलाकार ने मां काली के हाथ में इन्हीं (LGBTQ का) प्राइड फ्लैग भी थमा दिया।
डॉक्युमेंट्री ‘काली’ के आपत्तिजनक पोस्टर जारी करने वाली डायरेक्टर लीना मनीमेकलई के ख़िलाफ़ यूपी के बाद दिल्ली में भी एफआईआर दर्ज की गई है। लीना पर जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है।
फिल्म काली को लेकर टीएमसी सांसद और एक्ट्रेस नुसरत जहां ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। नुसरत जहां ने एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में बातें करते हुए कहा कि ‘मैं कहूंगी कि धर्म को बीच में मत लाओ। इस चीज को बेचने लायक मत बनाओ। बहुत आसान होता है अपने ड्राइंग रूम में बैठकर सारी मसालेदार स्टोरी को देखना। लेकिन अगर आप मेरी राय पूछेंगे तो मैंने हमेशा क्रिएटिविटी को अलग से सपोर्ट किया है। व्यक्तित्व को अलग सपोर्ट किया है और मैंने यह भी हमेशा से माना है कि धार्मिक भावनाएं आहत नहीं की जा सकतीं।’
वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार को एक टीवी चैनल से बात करते वक्त मां काली को मांस खाने वाली और शराब स्वीकार करने वाली देवी बताया। उन्होंने कहा कि वह देवी काली को इसी रूप में देखती हैं।
आपको बता दें कि हिंदू देवी ‘काली’ को अपनी फिल्म में सिगरेट पीते हुए दिखाने वाली लीना के पुराने ट्वीट लगातार वायरल हैं। इन ट्वीट से पता चलता है कि वो हिंदूफोबिक मानसिकता से ग्रसित हैं। साथ ही उन्हें भाजपा से और नरेंद्र मोदी से भी खासी नफ़रत है।
एक ट्वीट में लीना मणिमेकलई ने कहा, “मैं हकीकत में उन देवताओं पर ट्वीट करते-करते थक गई हूँ जो अस्तित्व में हैं भी नहीं और धार्मिक घृणा व कट्टरता की घटिया राजनीति के कारण अस्तित्व में ला दिए जाते हैं।” अपने ट्वीट में लीना गणपति भगवान के लिए व उनकी आराधना करने वालों को गाली दे रही हैं।
इसी तरह अपने एक विवादित ट्वीट में साल २०२० में लीना ने कहा था, “राम नहीं है भगवान। वह सिर्फ भाजपा द्वारा बनाई गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन हैं।”
इसी तरह साल २०१३ में लीना ने कहा था, ” अगर मेरे जीते जी नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो मैं अपने पासपोर्ट, राशन कार्ड, पैन कार्ड और अपनी नागरिकता सब छोड़ दूँगी। कसम से।”
उल्लेखनीय है कि लीना मणिमेकलई की इस निकृष्ट हरकत के बाद कैनेडा के भारतीय दूतावास ने भी डायरेक्टर को लताड़ लगाई थी। अपने बयान में दूतावास ने कहा था, “हमें हिन्दू समुदाय के नेताओं की तरफ से एक फिल्म के पोस्टर में हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानजनक तरीके से प्रदर्शित किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इस फिल्म को टोरंटो स्थित ‘आगा ख़ान म्यूजियम’ में ‘अंडर द टेंट’ परियोजना के तहत दिखाया जा रहा है। टोरंटो में हमारे काउंसलेट जनरल ने इस कार्यक्रम के आयोजकों के समक्ष इन चिंताओं को रखा है।”
भारतीय दूतावास ने यह भी जानकारी दी कि कई हिन्दू संगठनों ने कैनेडा के प्रशासन से भी संपर्क कर के इस फिल्म को दिखाए जाने के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। साथ ही भारतीय दूतावास ने भी कैनेडा की सरकार एवं प्रशासन से अनुरोध किया कि इस तरह के भड़काऊ कंटेंट्स कार्यक्रम से तुरंत हटाए जाएँ। दूतावास ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर अपनी बात रखी।

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