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आईएनएस विक्रांत के लिए २६ लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत

नई दिल्ली ,३० मई । स्वदेशी ट्विन-इंजन डेक-बेस्ड फाइटर प्लेन मिलने में करीब एक दशक का समय है, लेकिन उससे पहले नरेंद्र मोदी सरकार भारतीय नौसेना की सिफारिश पर सरकार-से-सरकार के आधार पर २६ वाहक-आधारित लड़ाकू विमान खरीदेगी। यह लड़ाकू विमान जल्द ही नौसेना में शामिल होने वाले आईएनएस विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे।

अमेरिका और फ्रांस के विमानों को टेस्ट कर रहा भारत

इसी साल जनवरी में गोवा में भारतीय नौसेना के तट-आधारित परीक्षण सुविधा में फ्रेंच राफेल-मरीन विमानों का उड़ान परीक्षण यानी फ्लाइट टेस्ट पहले ही आयोजित किया जा चुका है। इसके अलावा यूएस एफ-१८ सुपर हॉर्नेट का परीक्षण १५ जून तक पूरा होने की उम्मीद है। दो बोइंग एफ/ए-१८ई सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान गोवा में नौसैन्य अड्डे में अपनी परिचालन क्षमता दिखाने भारत पहुंचे हैं क्योंकि भारतीय नौसेना अपने स्वदेशी विमानवाहक पोत (आईएसी) विक्रांत के लिए लड़ाकू विमानों का एक बेड़ा हासिल करने की योजना बना रही है।

मेंटेनेंस से गुजर रहा है आईएनएस विक्रमादित्य

२६ विमानों में से, भारतीय नौसेना को ८ ट्विन सीटर ट्रेनर चाहिए, जिनका इस्तेमाल युद्ध की स्थिति में भी किया जा सकता है। दोनों फाइटर्स (फ्रांस और अमेरिका के) वस्तुत: एक ही विंटेज के हैं और दोनों निर्माताओं के पास भारत में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल सुविधाएं भी हैं। गोवा में नौसैन्य अड्डे की टेस्ट फैसिलिटी में दोनों विमानों का गहन परीक्षण किया गया है, लेकिन भारत के एकमात्र विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रमादित्य पर नहीं उतरे हैं, क्योंकि कारवार में इसका मेंटेनेंस चल रहा है और जून में इसके फिर से अपने अभियान में उतने की उम्मीद है। वहीं भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत समुद्री परीक्षणों से गुजर रहा है और १५ अगस्त, २०२२ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कमीशन किए जाने की उम्मीद है।

लड़ाकू विमानों को लीज पर नहीं लेना चाहता भारत

साउथ ब्लॉक के अधिकारियों के अनुसार, भारत आईएनएस विक्रांत के लिए लड़ाकू विमानों को लीज पर नहीं लेना चाहता है, बल्कि भारतीय नौसेना के विमानन विंग के मूल्यांकन के आधार पर फ्रांसीसी डसॉल्ट या यूएस बोइंग से डेक-आधारित लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए सीधे जी-टू-जी का रास्ता अपनाएगा। भारतीय वायु सेना के साथ राफेल लड़ाकू विमानों की बिक्री करने वाली डसॉल्ट और बोइंग द्वारा पी८आई पनडुब्बी रोधी युद्धक प्लेटफॉर्म, चिनूक हेलीकॉप्टर और सी-१७ भारी लिफ्ट विमान बेचने के मामले में दोनों ही कंपनियों ने डील की है। अमेरिकी नौसेना द्वारा अफगान और इराक युद्धों में इस्तेमाल किए गए एफ-१८ के साथ दोनों विमानों ने ट्रैक रिकॉर्ड साबित किया है।

जनवरी में, भारतीय नौसेना ने लड़ाकू विमान राफेल के समुद्री संस्करण का उड़ान परीक्षण किया। भारतीय नौसेना की योजना आईएसी विक्रांत के लिए लड़ाकू विमानों का बेड़ा खरीदने की है। आईएसी विक्रांत को अगस्त में सेवा में शामिल किए जाने की संभावना है। चार साल पहले, भारतीय नौसेना ने अपने विमानवाहक पोत के लिए बहु-भूमिका वाले ५७ लड़ाकू विमान हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की थी।

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