येषां न विद्या न तपो न दानंधर्म / January 24, 2024 January 24, 2024 येषां न विद्या न तपो न दानं, ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः । ते मृत्युलोके भुवि भारभूता, मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति।। अर्थात : जिसके पास विद्या, तप, ज्ञान, शील, गुण और धर्म में से कुछ नहीं है, वह मनुष्य ऐसा जीवन व्यतीत करते हैं जैसे एक मृग (पशु)।