मॉस्को ,३१ जुलाई । युक्रेन द्वारा रूस की राजधानी मॉस्को पर हमले के बाद अब राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन बुरी तरह से आग बबूला हो गए हैं। पुतिन ने कहा कि वह नाटो से जंग के लिए तैयार हैं। यूक्रेन ने लगातार कोशिशों के बाद मॉस्को पर ड्रोन स्ट्राइक करने में कामयाब हुआ है। इससे नाराज रूसी विदेश मंत्रालय पहले ही दबी जुबान में नाटो को जिम्मेदार ठहरा चुका है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि इस हमले को बिना किसी की मदद के अंजाम नहीं दिया जा सकता। अब राष्ट्रपति पुतिन के सीधे ऐलान के बाद माना जा रहा है कि पश्चिमी सैन्य संगठन से वह भिडऩे का पूरा मूड बना चुके हैं।
यूक्रेन ने मॉस्को पर सबसे पहला ड्रोन अटैक २४ अप्रैल को किया था। यह ड्रोन १०० किलोमीटर की दूरी पर जाकर क्रैश हो गया। ३ मई को रात २ बजे यूक्रेन ने दो ड्रोन अटैक किए। इसके बाद १७ मई, ३० मई, ४ जुलाई और २४ जुलाई को भी हमला किया। हालांकि, यूक्रेनी सेना हमलों में नाकाम रही। हालिया स्ट्राइक में मॉस्को की दो ऑफिस बिल्डिंग को नुकसान हुआ है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमले के बाद सड़क मार्ग प्रभावित हुआ। शहर के एयरपोर्ट को भी बंद करना पड़ा।
रूसी विदेश मंत्रालय का दावा है कि सेना ने तीन यूक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। रूस ने इस हमले को आतंकी हमले की कोशिश बताया है। विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि दो को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर द्वारा इंटरसेप्ट करने की कोशिश की गई जो बिल्डिंग पर जाकर क्रैश कर गये। इस हमले में यहां एक शख्स के घायल होने की खबर है। मॉस्को के मेयर ने बयान में बताया कि बिल्डिंग का बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है।
यूक्रेन ने रूसी राजधानी पर इस हफ्ते यह तीसरी बार हमला किया है। वहीं अकेले जुलाई महीने में यह चौथा हमला था। इससे पहले यूक्रेन ने एक के बाद एक पांच ड्रोन स्ट्राइक किए। हालांकि, रूसी सेना ने सभी ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के लिए मॉस्को पर हमला एक खतरे की घंटी साबित हो सकती है। मसलन, फरवरी २०२२ में अटैक के बाद रूस ने जिन क्षेत्रों पर कब्जा किया था, उनमें अधिकतर क्षेत्रों को यूक्रेन ने वापस हासिल कर लिया है। ऐसे में रूस में उनकी साख कमजोर हो सकती है।



