“वाणी रसवती यस्य यस्य श्रमवती क्रिया।धर्म / February 21, 2024 February 21, 2024 “वाणी रसवती यस्य यस्य श्रमवती क्रिया। लक्ष्मीः दानवती यस्य सफलं तस्य जीवितं॥” अर्थात- जीवन उसका ही सफल है। जो परिश्रमी है, जिसकी वाणी में मधुरता है। और जो दान करता है।