वाशिंगटन,३० जुलाई। अमेरिका ने नाइजर में सैनिकों द्वारा किए गए तख्तापलट की निंदा की है और राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम की तत्काल रिहाई की मांग की है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि तख्तापलट “असंवैधानिक और अवैध” था और अमेरिका इसकी कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका नाइजर के लोगों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और वैध सरकार का समर्थन करता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी नाइजर में तख्तापलट की कड़ी निंदा की है और राष्ट्रपति बजौम की तत्काल रिहाई की मांग की है। सुरक्षा परिषद ने एक बयान जारी कर कहा कि तख्तापलट “असंवैधानिक और अवैध” था और यह नाइजर की संप्रभुता और अखंडता का उल्लंघन है। सुरक्षा परिषद ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत करने का आह्वान किया है।
आपको बता दें कि नाइजर की सेना ने २७ जुलाई को तख्तापलट कर राष्ट्रपति बजौम को गिरफ्तार कर लिया था। सेना ने कहा कि यह तख्तापलट देश में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के जवाब में किया गया था। सेना ने एक नई सरकार के गठन की घोषणा की है और कहा है कि जल्द ही नए चुनाव होंगे।
नाइजर में तख्तापलट अफ्रीका में इस साल हुए कई तख्तापलटों में से एक है। २०२२ में अफ्रीका में कम से कम तीन देशों में तख्तापलट हुए हैं। अफ्रीका में तख्तापलटों का सिलसिला चिंता का विषय है और यह इस बात का संकेत है कि अफ्रीका में लोकतंत्र अभी भी कमजोर है।



