लंदन,११ मई। सोलह साल के एक अफगान सिख शरणार्थी की हत्या के मामले में दो लड़कों को ब्रिटेन की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वनुशन बालकृष्णन और इलियास सुलेमान को लंदन में ओल्ड बेली कोर्ट में रिश्मीत सिंह की हत्या का दोषी ठहराया गया।
जज सारा मुनरो ने इस मामले को दुखद बताते दोषियों के पैरोल पर विचार करने से पहले बालकृष्णन को न्यूनतम २४ साल और सुलेमान को न्यूनतम २१ साल की जेल की सजा सुनाई।
हत्याकांड की जांच कर रहे मेट्रोपालिटन पुलिस के स्पेशलिस्ट क्राइम कमांड के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर लारा सेम्पल ने कहा कि रिश्मीत अपनी घर से थोड़ी दूर जा रहा था तभी बालाकृष्णन और सुलेमान ने उसका पीछा किया और चाकू मार कर उसकी हत्या कर दी। बालकृष्णन और सुलेमान हमले के समय १७ वर्ष के थे। दोनों को दिसंबर २०२१ में हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।



