ब्रैंपटन। कैनेडा में संसदीय चुनावों के लिए सरगर्मियां तेज हो गई है। उल्लेखनीय है कि ब्रैंपटन ईस्ट का पुनर्सीमन २०१२ के फ़ेडरल चुनावों में किया गया था. वर्ष २०२१ के मध्यावधि चुनावों में लिबरल पार्टी से मनिंदर सिद्धू ने अपने निकटस्थ प्रतिद्वंदी कंज़रवेटिव पार्टी के प्रत्याशी नवल बजाज को हराया था.
लेकिन इस बार आसार कुछ अलग नज़र आ रहे हैं. २०२१ के चुनावों में कंज़रवेटिव पार्टी के उम्मीदवार श्री नवल बजाज का साथ देने वाले स्थानीय व्यवसायी और भारत माता मंदिर के संस्थापक जेफ़ लाल खुद ब्रैम्पटन ईस्ट से कंज़रवेटिव पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नोमिनेशन के लिए ख़म ठोक रहे हैं. ज्ञातव्य है जेफ़ लाल ने राम जन्म भूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी से दीक्षा भी ली है जो कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी को भगवान राम का चरणामृत पिलाते हुए सुर्ख़ियों में छाए हुए हैं.
याद रहे कि पूरे ओंटेरियो में ब्रैंपटन ईस्ट में साउथ एशियन समुदाय की आबादी की ७० प्रतिशत तक जा पहुँची है. जिसमें सिक्ख समुदाय ४०.४%, हिंदू २३.८%, ईसाई २२.३% तथा मुस्लिम ७.८% हैं. इस राइडिंग को हिंदू और सिक्ख समुदाय के लिए एक लगभग सुरक्षित सीट भी माना जा सकता है, बशर्ते उनकी राष्ट्रीय पार्टी की हवा उनके पक्ष में हो.
इस बार ये हवा कंजरवेटिव पार्टी के पक्ष में बहती दिख रही है. इसका सीधा मतलब यह है कि जिसने भी नोमिनेशन जीता उसका सांसद बनना लगभग तय है.
कंज़रवेटिव पार्टी से इस बार जो तीन प्रत्याशी सामने खड़े दिख रहे हैं उनमें पूर्व प्रत्याशी नवल बजाज, पूर्व मीडिया कर्मी और ब्रैंपटन मेयर पद के प्रत्याशी बॉब दोसांझ और पहली बार राजनीति के मैदान में कूदने वाले जेफ़ लाल हैं जो की मूल रूप से फ़िजी से हैं.
विगत १० जनवरी से हर सप्ताह जेफ़ लाल अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ कंजरवेटिव पार्टी की मेम्बर शिप बनाने में जुटे हैं. जेफ़ लाल अपनी व्यावसायिक कुशलता का राजनीति में वह खुलकर उपयोग कर रहे हैं और प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि ओंटेरियो जी टी ए की इस महत्वपूर्ण राइडिंग ब्रैंपटन ईस्ट में आगामी संसदीय चुनाव के लिए कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे.



