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नहीं रहीं सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश, ९६ साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कोल्लम ,२४ नवंबर । उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश और तमिलनाडु की पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति फातिमा बीवी का बृहस्पतिवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह ९६ वर्ष की थीं। दिवंगत जस्टिस फातिमा बीवी ने केरल में एक वकील के रूप में अपना करियर शुरू किया था और १९७४ में जिला और सत्र न्यायाधीश बनने तक काम किया। १९८० में वह आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में शामिल हुईं और १९८३ में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुईं।
केरल के पंडालम की रहने वालीं जस्टिस बीवी ने यूनिवर्सिटी कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल करने से पहले पथानामथिट्टा के कैथोलिकेट हाई स्कूल में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने न्यायमूर्ति फातिमा बीवी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश और तमिलनाडु की राज्यपाल के रूप में अपनी छाप छोड़ी। जॉर्ज ने एक बयान में कहा, ”वह एक बहादुर महिला थीं, जिनके नाम कई रिकॉर्ड हैं। वह ऐसी हस्ती थीं, जिन्होंने अपने जीवन से यह दिखाया कि दृढ़ इच्छा शक्ति और मकसद को लेकर समझ होने से किसी भी विपरीत परिस्थिति से पार पाया जा सकता है।

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