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चीन में बढ़ रहे हैं क्रोनिक बीमारियों के मामले, सरकार हुई चौकन्नी

बीजिंग,०१ सितंबर। चीन में आमतौर पर लोग अपनी हेल्थ का बहुत ध्यान रखते हैं। समय पर भोजन करना और नियमित व्यायाम अधिकांश लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। इसके बावजूद बीमारी से जूझने वालों की संख्या कम नहीं है। १.४० अरब की आबादी वाले देश में लोगों को स्वस्थ बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। इतना ही नहीं चीन में बूढ़े-बुजुर्गों की तादाद बहुत अधिक है, जो कि चिंता का विषय है। जाहिर है कि वे कुछ न कुछ बीमारियों से ग्रस्त रहते हैं। इस तरह चीन में क्रोनिक बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि मधुमेह और हृदय संबंधी रोग भी लोगों को परेशान कर रहे हैं।
इसे देखते हुए सरकार ने अब नए प्रयास शुरू किए हैं, जिसमें समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाना शामिल है। कहा गया है कि आम लोगों के बीच स्वस्थ लाइफ़ स्टाइल को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिसके तहत लोगों को समय पर स्क्रीनिंग, उपचार आदि कराने के लिए कहा जाएगा। जबकि तकनीकी दिशा-निर्देशों में भी सुधार किया जाएगा, अस्पतालों को स्क्रीनिंग और प्रबंधन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नेशनल हेल्थ कमीशन के अनुसार चीन पुरानी बीमारियों (क्रोनिक डिज़ीज के प्रति उपचार और रोकथाम के प्रयास जारी रखेगा। बताया गया है कि हृदय रोग, मधुमेह और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसी बीमारियों की जल्द से जल्द जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही रोगियों को उचित उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।

गौरतलब है कि चाइनीज़ हेल्थ मिनिस्ट्रीस्ट्री ने वर्ष २०३० तक प्रति एक लाख की आबादी में मृत्यु दर को १९०.७ से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जबकि जानलेवा कैंसर के पाँच साल तक जीवित रहने की दर को ४६.६ फीसदी से ऊपर बढ़ाने पर ज़ोर है। रिपोर्ट के अनुसार चीन में कुल मौतों का ८८.५ प्रतिशत क्रोनिक बीमारियों के कारण होती हैं। हाल के वर्षों में युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। ध्यान रहे कि हाल में चीन स्वस्थ चीन पहल जारी की गयी, जो कि साल २०३० तक चलेगी। इससे पहले भी लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया गया था।
अधिकारियों का दावा है कि चीन ने साल २०२२ के लिए स्वस्थ चीन पहल में निर्धारित उद्देश्यों को समय पर पूरा कर लिया है। इस तरह देश के प्रमुख स्वास्थ्य संकेतक अन्य प्रमुख उच्च-मध्यम आय वाले देशों के बराबर पहुंच गए हैं। लेकिन जानकार इन दावों पर संदेह जाहिर करते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य और क्रोनिक बीमारियों से निपटने के लिए निम्न बातों पर ध्यान रखने की जरूरत है। स्वस्थ जीवन शैली अपनाना, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब छोड़ना और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना आदि। हालांकि विभिन्न देशों में बीमार लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो हर राष्ट्र के सम्मुख खड़ी एक अहम समस्या है।

(बीजिंग से वरिष्ठ पत्रकार अनिल आज़ाद की रिपोर्ट)

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