नई दिल्ली,१८ अगस्त । मणिपुर में जातीय हिंसा की जांच के लिए विभिन्न रैंक की २९ महिला अधिकारियों समेत ५३ अधिकारियों की सूची जारी कर दी गई है। सीबीआई जांच के दायरे में आए शुरुआती मामलों के लिए दो महिला डीआईजी रैंक के अधिकारी समेत २९ महिला को शामिल किया गया है। राज्य में हिंसा और महिलाओं के साथ हुए अत्याचार को लेकर ६५ हजार के अधिक एफआईआर दर्ज किया है। इनमें से ११ मामलों की जांच सीबीआई को सौंपा गया है। सभी अधिकारी संयुक्त निदेशक घनश्याम उपाध्याय को रिपोर्ट करेंगे, जो विभिन्न मामलों में जांच की निगरानी करेंगे। तीन मई को राज्य में पहली बार जातीय हिंसा भड़कने के बाद से १६० से अधिक लोग मारे गए हैं, और कई सौ लोग घायल हुए हैं। बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किये जाने के दौरान यह हिंसा भड़की थी। मणिपुर की कुल आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की संख्या लगभग ५३ प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि आदिवासी नगा और कुकी समुदाय के लोगों की संख्या ४० प्रतिशत है और वे ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं।



