नई दिल्ली, २९ मार्च। जहां मौजूदा हवाईअड्डों के विकास के लिए लगभग ६०,००० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, वहीं अगले पांच वर्षो में नए ग्रीनफील्ड हवाईअड्डों की स्थापना के लिए लगभग ३८,००० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। हवाईअड्डों का उन्नयन और आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और अन्य हवाईअड्डा विकासकर्ताओं द्वारा समय-समय पर भूमि की उपलब्धता, वाणिज्यिक व्यवहार्यता, सामाजिक-आर्थिक विचार, यातायात की मांग और सरकार की इच्छा के आधार पर किया जाता है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि एएआई और अन्य हवाईअड्डा डेवलपर्स ने मौजूदा टर्मिनलों के विस्तार और आधुनिकीकरण, नए टर्मिनलों और रनवे के सुदृढ़ीकरण सहित अन्य गतिविधियों के लिए अगले पांच वर्षो में हवाईअड्डा क्षेत्र में लगभग ९८,००० करोड़ रुपये के पूंजी परिव्यय का लक्ष्य रखा है।
भारत सरकार ने ४५,००० करोड़ रुपये से अधिक की कुल अनुमानित परियोजना लागत पर २१ नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इनमें से दुर्गापुर, शिर्डी, कन्नूर, पकयोंग, कालाबुरगी, ओरवाकल (कुरनूल), सिंधुदुर्ग, कुशीनगर, ईटानगर, मोपा और शिवमोग्गा सहित ११ ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे चालू हो गए हैं।



