नई दिल्ली ,१५ अक्टूबर। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह मराठा आरक्षण को रद्द करने वाले शीर्ष अदालत के २०२१ के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर सुधारात्मक याचिका को उचित समय पर सूचीबद्ध करेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, उपचारात्मक याचिका सूचीबद्ध की जाएगी।
इस साल अप्रैल में, पांच न्यायाधीशों की पीठ ने फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग करने वाली राज्य सरकार की समीक्षा याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने मई २०२१ के फैसले में मराठा समुदाय के लिए १२ से १३ प्रतिशत कोटा प्रदान करने वाले महाराष्ट्र सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) अधिनियम, २०१८ को रद्द कर दिया था।
इसने घोषणा की थी कि राज्यों के पास सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सूची तैयार करने की शक्ति नहीं है और फैसला सुनाया था कि राष्ट्रपति के पास किसी समुदाय को पिछड़े के रूप में पहचानने की एकमात्र शक्ति है।इससे पहले, शीर्ष अदालत ने ५ मई, २०२१ के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करने वाली केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।



