नई दिल्ली १२ मई। नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) ने विदेश से एमबीबीएस कर भारत लौटे छात्रों को बड़ी राहत दी है। इन्हें भारत में इंटर्नशिप पूरी करने के लिए ‘एक बार की राहत’ दी गई है। एनएमसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उन ६७३ अस्पताओं की लिस्ट जारी की है जहां से ये छात्र इंटर्नशिप कर सकते हैं। इनमें नॉन टीचिंग अस्पताल भी शामिल हैं।
एनएमएसी ने कहा कि यह राहत सिर्फ एक बार के लिए दी गई है। विदेश से मेडिकल ग्रेजुएट छात्रों को इन नॉन टीचिंग अस्पतालों में सीट आवंटन का काम केवल संबंधित राज्यों की मेडिकल काउंसिलों के माध्यम से किया जाएगा। एनएमसी के नवीनतम सर्कुलर के मुताबिक ६७३ अस्पतालों में विदेश से एमबीबीएस कर लौटे छात्र अपनी इंटर्नशिप पूरी कर सकते हैं।
गौरतलब है कि विदेश से मेडिकल की पढ़ाई कर भारत लौटे छात्र पिछले कई महीनों से यह शिकायत कर रहे थे कि एफएमजीई परीक्षा करने के बावजूद उन्हें अस्पतालों में इंटर्नशिप करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। कंपलसरी रोटेटिंग इंटर्नशिप ट्रेनिंग के लिए विभिन्न राज्यों में अस्पतालों को अनुमति प्रदान की गई है।
गाइडलाइंस में एनएमसी ने कहा है कि इंटर्नशिप को एमबीबीएस फाइनल या एफएमजीई या नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) पास करने के दो साल के भीतर पूरा करना होगा। एनएमसी ने कहा कि दो साल की इंटर्नशिप का प्रावधान केवल फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट पर लागू होता है जो मेडिकल की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में थे और कोविड-१९ या रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत लौट आए।



