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दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी, लौट सकता है ऑड-ईवन और वर्क फ्रॉम होम!

दिल्ली,०७ नवंबर। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर इतना खतरनाक हो गया है कि खुली हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है। पूरा शहर स्मॉग की चादर में लिपटा हुआ है। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण के मद्देनजर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक का आयोजन दोपहर १२ बजे किया गया। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में दिल्ली में ऑड-ईवन से लेकर वर्क फ्रॉम होम तक पर चर्चा हुई ।
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। इस दौरान आरके पुरम में एक्यूआई ४६६, आईटीओ में ४०२, पटपड़गंज में ४७१ और न्यू मोतीबाग में एक्यूआई ४८८ दर्ज किया गया है।
आपको बता दें कि इससे पूर्व दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय द्वारा वायु प्रदूषण को लेकर बैठक बुलाई गई थी। हालांकि इस बैठक में कई अलग-अलग विभागों के अधिकारी भाग लेने के लिए नहीं पहुंचे। इसके बाद गोपाल राय ने सीएम अरविंद केजरीवाल को खत लिखा और मांग की कि वायु प्रदूषण के मामले को गंभीरता से लेने वाले और सही समय पर काम करने वाले अधिकारियों की इन विभागों में तत्काल नियुक्ति की जाए। वहीं ४ नवंबर को गोपाल राय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने भूपेंद्र यादव से मांग की थी कि पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में बीएस ४ मानदंडों का पालन न करने वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी ढंग से प्रतिबंध लगाए और एनसीआर में भी ऐसे वाहनों पर प्रतिबंध लगाए।
आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण अपने चरम पर है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के हालात मानव शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। एम्स के पीयूष रंजन (एडिशनल प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, एम्स) ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि ऐसे वैज्ञानिक प्रमाण मिले हैं जो वायु प्रदूषण और विभिन्न प्रकार के कैंसर के बीच संबंध स्थापित करते हैं। डॉक्टर ने यह भी कहा कि इससे श्वसन प्रणाली को नुकसान होने के अलावा, वायु प्रदूषण का दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, गठिया जैसी कोरोनरी धमनी रोगों से वायु प्रदूषण का सीधा संबंध है।

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