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संसदीय स्थायी समिति २७ अक्टूबर को आपराधिक कानूनों को बदलने वाले विधेयकों पर विचार करेगी

नई दिल्ली,२५ अक्टूबर ।

गृह मामलों पर राज्यसभा की संसदीय स्थायी समिति भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम संबंधी नए विधेयकों के साथ भारत की मौजूदा आपराधिक न्याय प्रणाली को बदलने के संबंध में मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने और अपनाने’ के लिए २७ अक्टूबर को बैठक करेगी। तीन नए विधेयकों पर समिति की यह लगातार १२वीं बैठक होगी, क्योंकि नए विधानों का अध्ययन करने के लिए २४ अगस्त को इसकी पहली बैठक हुई थी।

२७ अक्टूबर की बैठक के बारे में कहा गया है कि यह इन मसौदा रिपोर्टों पर विचार करेगी और उन्हें अपनाएगी – मसौदा २४६वां भारतीय न्याय संहिता, २०२३’ पर रिपोर्ट; भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, २०२३’ पर मसौदा २४७वीं रिपोर्ट; और भारतीय साक्ष्य विधेयक, २०२३’ पर मसौदा २४८वीं रिपोर्ट।इस पैनल का नेतृत्व भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल कर रहे हैं। ब्रिटिश काल के कानूनों को बदलने के लिए तीन विधेयक मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किए गए थे। फिर तीनों विधेयकों को संसद की चयन समिति के पास भेज दिया गया, जिसे तीन महीने के भीतर यानी नवंबर २०२३ तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।

विधेयकों को पेश करते समय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि वे भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को बदल देंगे और कहा कि ये बदलाव त्वरित न्याय प्रदान करने और एक कानूनी प्रणाली बनाने के लिए किए गए हैं जो लोगों की समकालीन जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करती है।

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