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एनआईए का खुलासा, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली के लिए पंजाब में आतंकी समूह बना रहा था हरदीप निज्जर

नई दिल्ली ,२० सितंबर । प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर युवाओं को लुभाने और धन जुटाने के लिए जबरन वसूली करने और समुदाय विशेष के व्यापारियों और नेताओं की लक्षित हत्या को अंजाम देने के लिए पंंजाब में आतंकवादी गिरोह बनाने में लगा हुआ था। निज्जर को २०२० में एक नामित आतंकवादी घोषित किया गया था। उसने कई मौकों पर खालिस्तानी जनमत संग्रह कराया था, और आखिरी जनमत संग्रह १० सितंबर को हुआ था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और स्पेशल सेल ने हाल ही में विभिन्न अदालतों में दायर कुछ आरोपपत्रों में उसका उल्लेख किया है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि वह लक्षित हत्याओं के लिए पंजाब में आतंकवादी समूह बनाने का प्रयास कर रहा था। स्पेशल सेल की चार्जशीट से पता चला है कि निज्जर, नीरज बवाना गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था। जून में एक हफ्ते के अंदर दो खालिस्तानी गुर्गों की मौत की खबर आई थी। अवतार सिंह खांडा की ब्रिटेन में मौत हो गई और फिर हरदीप सिंह निज्जर की कैनेडा में हत्या कर दी गई। इन दो मौतों ने खालिस्तानी आतंकी समूहों के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया। एनआईए ने निज्जर के साथ अन्य लोगों के खिलाफ कई मामलों में आरोप पत्र दायर किया, इसमें भारसिंहपुर गांव में एक हिंदू पुजारी कमलदीप शर्मा पर हमले की साजिश से संबंधित मामला और पंजाब के जालंधर के फिल्लौर में अन्य हिंसा के मामले शामिल हैं। इस मामले में एनआईए ने निज्जर पर दस लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। मार्च में एनआईए ने कहा था कि उन्होंने निज्जर की संपत्ति कुर्क कर ली है। दिसंबर, २०२२ में, एनआईए ने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मनोहर लाल की लक्षित हत्या के मामले में निज्जर सहित खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के चार गुर्गों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। निज्जर १९९७ में फर्जी पासपोर्ट पर कैनेडा भाग गया था। प्रारंभ में, उसके शरणार्थी दावे को खारिज कर दिया गया था। बाद में उसने एक कैनेडियन महिला से शादी की और कैनेडा के स्थायी नागरिक बन गया।
२०१६ और २०१५ में निज्जर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) और रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) भी जारी किया गया था। २०१८ में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कैनेडा सरकार को वांछित व्यक्तियों की एक सूची दी थी, इसमें निज्जर का नाम भी शामिल था। बाद में, २०२२ में पंजाब पुलिस ने निज्जर के प्रत्यर्पण की मांग की थी। स्पेशल सेल और एनआईए दोनों ने अपनी चार्जशीट में उल्लेख किया है कि निज्जर, नीरज बवाना गिरोह सहित भारतीय गैंगस्टरों की मदद कर रहा था।

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