लाहौर ,११ दिसंबर । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत, अफगानिस्तान और ईरान सहित पड़ोसी देशों के साथ राजनयिक संबंधों को सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि इस्लामाबाद की वैश्विक विश्वसनीयता उन देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों पर निर्भर है, जिनके साथ देश की सीमाएं लगती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी देश के पड़ोसी देश उससे नाराज हैं तो वैश्विक मंच पर उसे गंभीरता से लिए जाने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान और ईरान के साथ संबंधों में सुधार और चीन के साथ संबंधों को मजबूत करना उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) के एजेंडे में है।
१९९९ की घटनाओं को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कारगिल युद्ध का विरोध किया था।
यह स्पष्ट करते हुए कि कारगिल के दौरान उनका रुख कमजोरी का संकेत नहीं था, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब राष्ट्रीय हित और सुरक्षा के मामलों की बात आती है, तो वे अतीत में विश्व शक्तियों को अस्थिर करने के बावजूद परमाणु परीक्षण करने जैसे कठोर निर्णयों से पीछे नहीं हटे।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही का सामना करना चाहिए। हालांकि, शुक्रवार को अपने पिछले संबोधन के विपरीत, उन्होंने नाम लेने से परहेज किया।
शरीफ ने अपने कार्यकाल की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान २०१७ तक उनके शासन के तहत सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रगति कर रहा था। उन्होंने २०१७ के बाद गिरती अर्थव्यवस्था पर अफसोस जताया।



