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भारत की सबसे बुजुर्ग छात्रा का निधन

अलाप्पुझा ,१२ अक्टूबर। देश की सबसे उम्रदराज छात्रा कात्यायनी अम्मा का निधन हो गया है। कात्यायनी अम्मा ने ९६ साल की उम्र में भी पढ़ाई शुरू की इसलिए उन्हें देश की सबसे उम्रदराज छात्रा कहा जाता है। केंद्र सरकार ने नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया था। वह १०१ साल की थीं। केरल के अलाप्पुझा में चेप्पड के पास मुत्तम की मूल निवासी कात्यायनी अम्मा का नाम मीडिया की सुर्खियों में तब आया जब २०१८ में केरल सरकार की साक्षरता मिशन प्रोग्राम में वह सबसे अधिक उम्र की शिक्षार्थी बन गईं।
उनके निधन पर शोक जताते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने पुरस्कार जीतने के बाद उनसे हुई एक मुलाकात को याद किया जिसमें उन्होंने आगे पढऩे और १०वीं कक्षा की परीक्षा पास करने के बाद नौकरी करने की इच्छा जताई थी। विजयन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, ‘उन शब्दों में आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प था।’
कात्यायनी अम्मा को दक्षिणी राज्य के साक्षरता अभियान के तहत न केवल ९६ साल की उम्र में पढ़ाई करने के लिए शोहरत मिली बल्कि उन्होंने ‘अक्षरालक्षम’ परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक भी हासिल किए थे जो चौथी कक्षा की परीक्षा के समान होती है।

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