न्यूयॉर्क, ०४ जुलाई। फ्लोरिडा के ७२ वर्षीय भारतीय मूल के यूरोलॉजिस्ट पर एक ५१ वर्षीय मरीज की गलत तरीके से पुरुष नसबंदी करने का आरोप लगा है।
फ्लोरिडा स्वास्थ्य विभाग की एक शिकायत के अनुसार, डॉ. दिलीप कुमार पटेल ने मरीज के बाईं ओर की बजाय दाईं ओर प्रक्रिया की।
फरवरी १९८२ में लाइसेंस मिलने के बाद यह उनके खिलाफ पहली शिकायत है।
शिकायत में कहा गया है कि १० जून २०२२ को पटेल को एक ऐसे व्यक्ति की बाईं ओर की नसबंदी करनी थी, जिसकी दाहिनी ओर की नसबंदी पहले ही एक अलग डॉक्टर द्वारा की जा चुकी थी।
शिकायत में कहा गया है, प्रक्रिया के दौरान पटेल ने बाईं ओर के बजाय दाईं ओर की नसबंदी की।
प्रक्रिया के कुछ घंटों बाद (पटेल) को त्रुटि का पता चला और मरीज को बताया कि उन्होंने बाईं ओर की बजाय दाईं ओर की नसबंदी की है। आरोपी डॉक्टर पटेल की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
आपको बता दें कि पुरुष नसबंदी के दौरान, वास डेफेरेंस तक पहुंचने के लिए अंडकोश में एक छोटा चीरा या पंचर बनाया जाता है। वास डेफेरेंस वह नली है जिससे शुक्राणु वृषण से लिंग तक पहुंचता है। फिर शुक्राणु को गुजरने से रोकने के लिए ट्यूबों को काट दिया जाता है और सील कर दिया जाता है या अवरुद्ध कर दिया जाता है। प्रक्रिया के बाद, चीरों को आमतौर पर टांके या सर्जिकल गोंद से बंद कर दिया जाता है।



