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India will become the world's third largest economic power in the coming times, said PM Modi at the Global Investors Summit

भारत आने वाले समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा, ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में बोले पीएम मोदी

इंदौर, १२ जनवरी। पीएम मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ किया। ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में देश-विदेश के निवेशक शामिल हो रहे हैं। समिट को पीएम मोदी ने संबोधित किया और कहा कि एमपी गजब है, अजब है और सजग भी है।
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर भी इन्वेस्टमेंट की संभावनाओं को जन्म दे रहा है। भारत आने वाले समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा। आठ साल में हमने नेशनल हाईवे के निर्माण की स्पीड दोगुनी की है। ऑपरेशनल एयरपोर्ट दोगुने हो चुके हैं। पोर्ट हैंडलिंग कैपेसिटी, टर्नअराउंड सुधरा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक पार्क, एक्सप्रेस वे भारत की पहचान बन रहे हैं। गति शक्ति योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का नेशनल प्लेटफॉर्म है। इस पर अपडेटेड डेटा रहता है।
पीएम मोदी ने कहा, भारत सबसे कम्पीटिटिव लॉजिस्टिक मार्केट के तौर पर पहचान बना रहा है। नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी भी लागू की है। भारत स्मार्टफोन डेटा, ग्लोबल फिनटेक, आईटी-बीपीएल आउटसोर्सिंग में नंबर वन है। तीसरा एविएशन और ऑटो मार्केट है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सब आशावादी है। ग्लोबल ग्रोथ के लिए यह कितना जरूरी है, आप जानते हैं। भारत गांव-गांव तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचा रहा है। तेजी से ५जी नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। इससे हर इंडस्ट्री और कंज्यूमर के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स से लेकर एआई तक जो भी नए अवसर बन रहे हैं, वह विकास की गति को और तेज करेंगे। इन प्रयासों से ही आज मेक इन इंडिया को नई ताकत मिल रही है। मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में भारत तेजी से विस्तार कर रहा है।
मोदी ने कहा कि तीन-चार साल में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। मैकेंजी के सीईओ ने कहा है कि यह न केवल भारत का दशक है, बल्कि शताब्दी है। संस्थाओं और विश्वसनीय आवाजों का भारत पर भरोसा है। आशावादी है। ग्लोबल इन्वेस्टर भी इसी तरह की बातें कर रहे हैं। इंटरनेशनल बैंक ने सर्वे कराया कि ज्यादातर इन्वेस्टर्स भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारत में रिकॉर्ड ब्रेकिंग एफडीआई आ रही है। भारत के प्रति यह आशावाद मजबूत लोकतंत्र, युवा डेमोग्राफी और राजनीतिक स्थिरता की वजह से है। भारत जो फैसले ले रहा है, वह ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रहे हैं। हमने संकट में सुधारों का रास्ता लिया है। भारत रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म के रास्ते पर है। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने इसे गति दी है। इसका परिणाम है कि भारत इन्वेस्टमेंट के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बना हुआ है।

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