नई दिल्ली , ०५ अगस्त । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में ब्राइट स्पॉट बन गया है। पिछले नौ वर्षों में भारतीय विदेश नीति, व्यापार नीति, उर्जा नीति और नई गतिविधियों में बड़े बदलाव की वजहों से विश्व बैंक, आईएमएफ और दुनिया की बड़ी वित्तीय संस्थान भारत को चमकते सितारे की तरह देख रहे हैं, जबकि कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों को देश में विकास नहीं दिख रहा है और महंगाई-बेरोजगारी के नाम पर घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं। हरदीप सिंह पुरी के कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। आईएमएफ के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत एक चमकता स्थान, भारत २०२३ में वैश्विक विकास में १५ प्रतिशत का योगदान देगा। हाल के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष २०२३-२४ में भारत का विकास दर ६.१ प्रतिशत से ६.५ प्रतिशत (आईएमएफ: ६.१ प्रतिशत; विश्व बैंक: ६.३ प्रतिशत; आरबीआई: ६.५ प्रतिशत) के बीच रहेगी। वित्तीय संस्थानों का अनुमान है कि २०२३ में भारत की अर्थव्यवस्था ३.७५ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर जाएगी। विश्व बैंक के अनुसार, २०१४ में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग २.०४ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर थी। २०१४ में भरतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में दसवें स्थान पर थी और आज पांचवें स्थान पर पहुँच गयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष २०४७ तक देश विकसित भारत बनाने के लिए संकल्पित है।
पुरी ने कहा कि विश्व चर्चित इतिहासकार एंगस मैडिसन के अनुसार, १७०० ईस्वी में विश्व अर्थव्यवस्था (वैश्विक जीडीपी) में भारत की हिस्सेदारी २४.४ प्रतिशत थी और वैश्विक औद्योगिक उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी २५ प्रतिशत थी। अंग्रजों से आजादी से मिलने के बाद १९५० में, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भारत की हिस्सेदारी घटकर ४.२ प्रतिशत और औद्योगिक उत्पादन २ प्रतिशत रह गई थी। १९४७ में भारत की जीडीपी २.७ लाख करोड़ रुपये या लगभग २० बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान लगाया गया था।
कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था आजादी से लेकर अबतक २० बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ कर लगभग ३.७५ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की हो गयी है। भारतीय अर्थव्यवस्था ८-९ प्रतिशत की दर से लगातार बढ़ रही है, जबकि विकसित देशों की जीडीपी काफी कम है। फिर भी कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टी के नेताओं को भारत में हो रहे परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि १९४७ में जब देश आजाद हुआ था, तब दूसरे देश एजेंडा सेट करता था, अमेरिका, यूएन, विश्व बैंक, आईएमएफ और गैट (जीएटीटी) आदि संस्थान अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सहित अन्य मुद्दे को लेकर एजेंडा तय करते थे। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपना एजेंडा स्वयं बना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में आज एक विश्वसनीय व्यापार भागीदार के रूप में उभरा है। गैट (जीएटीटी) की प्रस्तावना में कहा गया है कि व्यापार और आर्थिक प्रयास के क्षेत्र में संबंध जीवन स्तर को ऊपर उठाने, पूर्ण रोजगार सुनिश्चित करने और वास्तविक आय की एक बड़ी और लगातार बढ़ती मात्रा और प्रभावी मांग, पूर्ण उपयोग को विकसित करने की दृष्टि से संचालित होने चाहिए। हरदीप पूरी ने कहा कि भारत की विदेश व्यापार नीति २०२३ गैट (जीएटीटी) के संस्थापक दृष्टिकोण के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है। यह वैश्विक बाजारों के साथ एकीकरण और भारतीय नागरिकों के लाभ के लिए काम करके भारत को एक विश्वसनीय और विश्वसनीय भागीदार बनाने की आकांक्षा रखता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारतीय विदेश नीति हो या आर्थिक नीति देशवासियों एवं भारत के हित को ध्यान में रख कर बनाया जाता है।



