वाशिंगटन, १२ जनवरी।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सहयोगियों ने कुछ क्लासीफाइड दस्तावेजों की खोज की है। इन फाइलों को तब खोजा गया जब लोग राष्ट्रपति के वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक कार्यालयों से बक्से को स्थानांतरित कर रहे थे। अब लोग कयास लगा रहे हैं कि उन फाइलों की जांच बाइडेन के लिए, एक राजनीतिक सिरदर्द बन सकती है और इन फाइलों की तुलना डोनाल्ड ट्रंप की मार-ए-लागो छापे के बाद मिली फाइलों से होने की संभावना है।
यह फाइलें बाइडेन को कानूनी संकट में भी डाल सकती हैं, हालांकि दस्तावेजों के बारे में बहुत कम जानकारी है। यह फाइलें २०१७ से पहले बाइडेन के उपराष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान की हैं। इन फाइलों को लेकर अभी सवाल यह है कि इन्हें अभी तक अमेरिकी राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित रूप से संग्रहीत क्यों नहीं किया गया था और यही पाइंट बाइडेन की मुसीबतें बढ़ा सकता है।
शिकागो स्थित एक अमेरिकी सरकारी वकील, जॉन लॉश , वर्तमान में इस मामले की जांच कर रहे हैं और पहले ही अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड को एक प्रारंभिक रिपोर्ट प्रदान कर चुके हैं। उस रिपोर्ट का विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है। यह सब श्री बाइडेन के आलोचकों को इस खुलासे के बीच तुलना करने से नहीं रोकता है। जनवरी २०२१ में व्हाइट हाउस से उनके प्रस्थान के बाद डोनाल्ड ट्रम्प की वर्गीकृत सामग्री से निपटने के लिए न्याय विभाग की जांच चल रही है।
हालाँकि अभी भी बाइडेन के दस्तावेजों की जांच बाकी है फिर भी राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि क्या ट्रंप की फाइलें और बाइडेन की फाइलें एक जैसी है।



