मुंबई, ०२ जुलाई। एक जुलाई से भारत के निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक एचडीएफसी का हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड में विलय प्रभावी हो गया है। विलय के बाद एचडीएफसी अब बाजार मूल्य के हिसाब से जेपी मॉर्गन, आईसीबीसी और बैंक ऑफ अमेरिका के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। यह विलय देश के कॉरपोरेट सेक्टर का सबसे बड़ा सौदा है। इसका आकार ४० अरब डॉलर का है। विलय के बाद जो नई कंपनी वजूद में आई वो देश की सबसे बड़ी फाइनेंशियल सर्विस फर्म बन गई है। इसकी कुल एसेट्स १८ लाख करोड़ रुपये से भी अधिक होगी।
अब एचडीएफसी बैंक में १०० प्रतिशत आम निवेशकों की हिस्सेदारी होगी। इसमें एचडीएफसी लिमिटेड के मौजूदा शेयरधारकों के पास बैंक का ४१ फीसदी हिस्सा होगा। हर एचडीएफसी लि. शेयरधारक को उनके प्रत्येक २५ शेयरों के लिए एचडीएफसी बैंक के ४२ शेयर मिलेंगे।
एचडीएफसी बैंक के सीईओ और एमडी शशि जगदीशन ने कहा कि यह हमारी यात्रा में एक निर्णायक घटना है और मुझे विश्वास है कि हमारी संयुक्त ताकत हमें वित्तीय सेवाओं का एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सक्षम बनाएगी।



