लंदन, १७ जुलाई । इंग्लैंड के हर्टफोर्डशायर में ४४ वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति की ‘हनीट्रैप हत्या’ में तीन पुरुषों और दो महिलाओं सहित पांच लोगों के एक गिरोह को दोषी पाया गया है।
४४ वर्षीय विशाल गोहेल २३ जनवरी, २०२२ को बुशे, हर्टफोर्डशायर में अपने फ्लैट पर मृत पाए गए थे।
सेंट एल्बंस क्राउन कोर्ट की एक जूरी ने सुना कि गोहेल महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन उनके पुरुष साथी उसे लूटने के लिए आए और उसकी पिटाई की।
अदालत को बताया गया कि २२ जनवरी, २०२२ को, एक पड़ोसी ने फ्लैट में प्रवेश किया और गोहेल को उसके चेहरे पर गैफऱ टेप के साथ बेडरूम के फर्श पर बेजान पड़ा हुआ पाया।
पोस्टमॉर्टम जांच से पता चला कि गोहेल के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।
अभियोजक चार्लोट नेवेल केसी ने अदालत को बताया कि तीन महिलाएं व तीन पुरुष कैब में घटनास्थल पर पहुंचे।
न्यूवेल केसी ने कहा, यह उस योजना की परिणति थी जो दिन भर चल रही थी।
उन्होंने कहा कि फ्लैट को साफ करने के प्रयास किए गए और एक आईफोन और एक आईवॉच ले लिया गया।
आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
२३ वर्षीय टेविन लेस्ली, जिसने पहले लूट की साजिश रचने का दोष स्वीकार किया था, को हत्या का दोषी ठहराया गया था, और २२ वर्षीय सकीन गॉर्डन को हत्या और डकैती की साजिश का दोषी ठहराया गया था।
२२ वर्षीय यार्ली जॉर्जिया ब्रूस-अन्नान को पहले लूट की साजिश रचने का आरोप स्वीकार करने के बाद हत्या का दोषी ठहराया गया था, जबकि ब्रैंडन ब्राउन को हत्या का दोषी नहीं पाया गया था, लेकिन हत्या और लूट की साजिश का दोषी पाया गया था।
फेथ हॉपी को हत्या का दोषी नहीं पाया गया, बल्कि हत्या और लूट की साजिश का दोषी पाया गया।
इन सभी पांचों को २६ सितंबर को सेंट एल्बंस क्राउन कोर्ट में सजा सुनाई जाएगी।
छठे आरोपी को २० वर्षीय टियाना एडवर्ड्स हैनकॉक को बरी कर दिया गया।



