बीजिंग,१६ अगस्त। कोविड-१९ के आगमन के बाद से ही चीन निरंतर आर्थिक समस्याएं झेल रहा है। चीन के आर्थिक विकास में भारी कमी देखने को मिली है। हाल के सप्ताहों में कई बैंकों ने अपने चीन के आर्थिक विकास पूर्वानुमानों को कम कर दिया है।
नोमुरा ने २०२३ में चीन की जीडीपी वृद्धि का अनुमान ५.५% से घटाकर ५.१% कर दिया है । नोमुरा ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था कई प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही है, जिसमें संपत्ति क्षेत्र में मंदी, तकनीकी क्षेत्र पर नियामक कार्रवाई और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चल रहा व्यापार युद्ध शामिल है।
मॉर्गन स्टेनली ने २०२३ में चीन की जीडीपी वृद्धि का अनुमान ५.५% से घटाकर ५.२% कर दिया है । मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था कई जोखिमों का सामना कर रही है, जिसमें वैश्विक विकास में मंदी, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और संपत्ति क्षेत्र में मंदी शामिल है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने २०२३ में चीन की जीडीपी वृद्धि का अनुमान ५.५% से घटाकर ५.३% कर दिया है । स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें संपत्ति क्षेत्र में मंदी, तकनीकी क्षेत्र पर नियामक कार्रवाई और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चल रहा व्यापार युद्ध शामिल है।
गौरतलब है कि चीन के आर्थिक विकास के पूर्वानुमानों में गिरावट ऐसे समय में आई है जब देश कई प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रहा है। संपत्ति क्षेत्र में मंदी चीनी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। संपत्ति क्षेत्र चीन में आर्थिक विकास का एक प्रमुख कारक है और इस क्षेत्र में मंदी का अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
तकनीकी क्षेत्र पर नियामक कार्रवाई भी चीनी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। चीनी सरकार ने अलीबाबा और टेनसेंट समेत कई तकनीकी दिग्गजों पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई ने तकनीकी दिग्गजों की लाभप्रदता को नुकसान पहुंचाया है और तकनीकी क्षेत्र में निवेश भी धीमा कर दिया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चल रहा व्यापार युद्ध चीनी अर्थव्यवस्था के लिए एक और बड़ी चिंता का विषय है। व्यापार युद्ध ने चीनी निर्यात को नुकसान पहुंचाया है और चीन में मुद्रास्फीति भी बढ़ी है।



