टोरंटो -१५ फरवरी २०२३,कैनेडा में हिंदू धार्मिक स्थलों को कायरों द्वारा निरंतर निशाना बनाया जा रहा है और उन पर भारत विरोधी नारे लिखे जा रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी स्वार्थ वश यहां की सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। ताजा मामले में मिसिसॉगा में राम मंदिर को भारत विरोधी भित्तिचित्रों विरूपित करने की घटना सामने आई है। इस घटना को लेकर भारतीय दूतावास ने कैनेडा के अधिकारियों से घटना की जांच करने का अनुरोध किया है।
टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने ट्वीट किया, ‘हम मिसिसॉगा में राम मंदिर को भारत विरोधी भित्तिचित्रों से विरूपित करने की कड़ी निंदा करते हैं। हमने कैनेडा के अधिकारियों से इस घटना की जांच करने और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।’
ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने भी तोड़फोड़ की निंदा की और कहा कि अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं।
इससे पहले, ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर को विरूपित करते हुए जनवरी में भारत विरोधी चित्र बनाए गए थे, जिसके कारण भारतीय समुदाय में आक्रोश फैल गया था।
इससे पहले सितंबर २०२२ में, कनाडा में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर को ‘कैनेडियन खालिस्तानी चरमपंथियों’ द्वारा भारत विरोधी भित्तिचित्रों के साथ विरूपित किया गया था। इसके अलावा, ग्रेटर टोरंटो एरिया (जीटीए) में रिचमंड हिल में विष्णु मंदिर में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को जुलाई २०२२ में विरूपित किया गया था।
दोनों मामलों में, खालिस्तान समर्थक नारे चित्रित किए गए थे और पाकिस्तान समर्थक द्वारा सोशल मीडिया पर तोड़फोड़ को बढ़ावा दिया गया था।



