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कावेरी जल मुद्दे पर विवादः बेंगलुरु बंद में २० प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया-तमिलनाडु से बस सेवाएं बाधित

बेंगलुरु,२७ सितंबर। तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के खिलाफ विरोध मार्च निकालने का प्रयास करने पर कर्नाटक पुलिस ने मंगलवार सुबह यहां २० से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। उन पर धारा १४४ के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष और जल संरक्षण समिति के प्रमुख नेताओं में से एक कुरुबुरु शांताकुमार विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने रात में भी एहतियात के तौर पर ५० से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था। सुबह की घोषणा के अनुसार, आंदोलनकारी केंद्रीय व्यापार जिले में मैसूरु बैंक सर्कल जंक्शन पर एकत्र हुए। वे विरोध मार्च में हिस्सा लेने की योजना बना रहे थे, लेकिन तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, बंद के चलते तमिलनाडु से बस सेवाएं बाधित रहीं। कुरुबुरु शांताकुमार ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश जताते हुये कहा, “तमिलनाडु में जब राज्य के हित की बात आती है, तो वे प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होंगे। जल्लीकट्टू के मुद्दे पर तमिलनाडु पुलिस ने आंदोलन का समर्थन किया। लेकिन, कर्नाटक में पुलिस दमनकारी कदम उठा रही है।” कुरुबुरू शांताकुमार ने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को परेशान कर रही है। उन्होंने पुलिस से पूछा, “अगर वे अपने घरों में जाएंगे तो उनके पास पीने के लिए पानी नहीं होगा तो वे क्या करेंगे?” कुरुबुरु ने कहा, “बंद सफल है और सभी ने अपना समर्थन दिया है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा। राज्य के किसान देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। पूरे राज्य में संदेश जाएगा कि यहां क्या हो रहा है।” उन्‍होंने चेतावनी देते हुये कहा कि पुलिस को सावधान रहना चाहिए। पुलिस ने मैसूरु बैंक सर्कल के पास एकत्र हुए आंदोलनकारियों के समूह को तितर-बितर कर दिया। आंदोलनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस से बहस की और उन्हें ड्यूटी से छुट्टी लेकर विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के लिए कहा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से बार-बार पूछा कि क्या उन्हें पानी नहीं चाहिए? बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी) से जुड़ी बसें सुबह चल रही थीं। अधिकांश मुख्य सड़कों और प्रमुख जंक्शनों पर सुबह के समय यातायात कम दिखा। सोमवार को बेंगलुरु शहरी जिला कलेक्टर के.ए. दयानंद ने शहर के निजी, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित करने के आदेश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में धारा १४४ लागू की जाएगी जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। बंद शाम ६ बजे तक रहा। निजी परिवहन के कुल ३७ संगठनों और नागरिक एजेंसियों, सरकारी निगमों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों सहित ९५ अन्य संगठनों ने बंद को अपना समर्थन दिया है।

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