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डीजीसीए की कार्रवाई के बाद सीईओ कैंपबेल विल्सन का सुझाव, सुरक्षा मजबूत करे एयर इंडिया

नईदिल्ली, २५ सितंबर। एयर इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया को अपनी सुरक्षा संस्कृति उच्च स्तर पर ले जानी चाहिए, क्योंकि यह जिस तरह से पहले ‘स्वीकार्य’ बनी हुई थी, वह अब नहीं है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन के प्रमुख राजीव गुप्ता को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया। नियामक द्वारा जुलाई में निगरानी के संबंध में खामियां पाए जाने की वजह से गुप्ता के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
डीजीसीए ने एयरलाइन को यह भी निर्देश दिया है कि वह एयरलाइन के ऐसे कर्मचारी को कोई भी आंतरिक ऑडिट न सौंपे, जिसने आंतरिक ऑडिट का काम ‘लापरवाही’ से किया हो।
विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में कहा, ‘आपने इस साल के शुरू में संचालित किए गए सुरक्षा ऑडिट के तरीके में खामियों की वजह से हमारे दो स्टाफ के खिलाफ प्रतिबंध के बारे में पढ़ा होगा। हम डीजीसीए के निष्कर्ष को स्वीकार करते हैं।’
विल्सन ने कहा कि सुरक्षा एयर इंडिया की उच्च प्राथमिकता है और अपना दायरा बढ़ाने के लिए लोगों, प्रक्रियाओं तथा प्रणालिों में बड़ा निवेश करने के अलावा एयरलाइन को सुरक्षा और संघर्ष की संस्कृति को भी उच्च स्तर पर ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के संबंध में आवश्यकताएं और अपेक्षाएं स्पष्ट हैं और प्रशिक्षण एवं परामर्श आसानी से उपलब्ध है।
उन्होंने कहा, ‘लापरवाही और उल्लंघन का नतीजा खराब होता है और इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। मैं चाहता हूं कि किसी को इसमें कोई संदेह न हो कि हम जरूरी परिणामों को प्रभावित करने के लिए जब तक आवश्यक हो, तब तक इस क्षेत्र पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही अनुरोध करते हैं कि एयरलाइन का दर्जा बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रतिबद्धता में आप हमारे साथ शामिल हों।’
डीजीसीए की दो सदस्यीय टीम ने २५ और २६ जुलाई को एयर इंडिया के गुरुग्राम मुख्यालय में निगरानी कराई थी। इस निगरानी में एयरलाइन द्वारा दुर्घटना निरोधक कार्य में खामियां पाए जाने और जरूरी तकनीकी मानव श्रम का अभाव होने का पता चला था। इन सब को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को डीजीसीए ने एयरलाइन के सुरक्षा प्रमुख को निलंबित कर दिया।
डीजीसीए की रिपोर्ट में कहा गया कि इसके अलावा एयरलाइन द्वारा कुछ आंतरिक ऑडिट लापरवाही के साथ कराए गए थे और नियामकीय मानकों का पालन नहीं किया गया।

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