102 Views

जस्टिन ट्रूडो के शासनकाल में कैनेडा का आवास संकट हुआ बदतर

ओटावा २१ सितंबर। कैनेडा में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल सरकार देश में गहराते आवास संकट पर निरंतर असफल साबित हुई है। निरंतर बढ़ते मॉर्टगेज दरों और किराए के कारण देश भर में लाखों लोग संकट का सामना कर रहे हैं लेकिन सरकार की जिम्मेदार लोगों के कानों पर जूं तक नहीं चल रही है।
रेंटल्स.सीए की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे कैनेडा में किराए में पिछले साल ८.९% और पिछले दो सालों में २१% की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब यह है कि औसत कैनेडियन किरायेदार अब प्रति माह अतिरिक्त $३५४ या प्रत्येक वर्ष अतिरिक्त $४,२४८ का भुगतान कर रहा है।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि कैनेडा के कई प्रमुख शहरों में औसत से काफी अधिक वृद्धि देखी जा रही है। वैंकूवर में एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट के औसत किराए में १६.२%, टोरंटो में १३.४%, मिसिसॉगा में २०% और ब्रैम्पटन में आश्चर्यजनक रूप से २५.५% की वृद्धि देखी गई है।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि २०१५ में जस्टिन ट्रूडो के प्रधान मंत्री बनने के बाद से कैनेडा में औसत किराया दोगुना हो गया है।
किराए की बढ़ती लागत के अलावा, २०१५ के बाद से औसत मासिक मॉर्टगेज भुगतान में १३७% की वृद्धि हुई है, जबकि औसत घर के लिए न्यूनतम अग्रिम भुगतान में १२६% की वृद्धि हुई है। इससे कैनेडियन लोगों के लिए घर के स्वामित्व का सपना हासिल करना कठिन हो गया है।
बिगड़ते आवास संकट के बावजूद, जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया है कि आवास उनकी ज़िम्मेदारी नहीं है।
पियरे पॉलीव्रे के नेतृत्व में कैनेडा की कंजर्वेटिव पार्टी ने घर बनाने में बाधा डालने वाले बैरियर को हटाने और कैनेडियन लोगों द्वारा अफोर्डेबल घरों को लाकर आवास संकट पर कार्रवाई करने का वादा किया है।
कंजर्वेटिव पार्टी ने आवास संकट को संबोधित करने के लिए कई नीतियों का प्रस्ताव दिया है, जिनमें डेवलपर्स के लिए नए घर बनाना आसान बनाकर आवास की आपूर्ति बढ़ाना और इसमें अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, लालफीताशाही को कम करना और डेवलपर्स को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना शामिल है। साथ ही पहली बार घर खरीदने वालों को कर में छूट प्रदान करके और किफायती आवास इकाइयों की उपलब्धता बढ़ाकर आवास को और अधिक किफायती बनाना, कैनेडियन आवास में विदेशी निवेश पर नकेल कसने पर भी ध्यान दिया जाएगा जिसके कारण कीमतें बढ़ रही हैं और कैनेडियन लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो रहा है।

Scroll to Top