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Canada's absence in US-British-Australia security agreement, military worried

अमेरिकी-ब्रिटिश-ऑस्ट्रेलिया सुरक्षा समझौते में कैनेडा की अनुपस्थिति, चिंता में सेना

ओटावा, १६ जनवरी। अमेरिकी-ब्रिटिश-ऑस्ट्रेलिया ने “AUKUS” के तहत २०२१ में समझौता किया था। विशेषज्ञ मानते हैं इसका उद्देश्य भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति का मुकाबला करने के लिए एकजुट होकर काम करने के लिए किया गया है पर इस ग्रुप में कैनेडा की अनुपस्थिति लोगों को चौंका रही है और कैनेडा की सेना को चिंता में डाल रही है। कैनेडाई सशस्त्र बलों के चिंताएं हैं कि कैनेडा के पास अपने निकटतम सहयोगियों के समान अत्याधुनिक सैन्य तकनीक नहीं पहुंच पाएंगी और कैनेडा इस मामले में कमजोर होता जाएगा क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सुरक्षा समझौते का हिस्सा नहीं है।
तीन देशों के शामिल होने के बाद “AUKUS” उपनाम वाली त्रिपक्षीय संधि की घोषणा सितंबर २०२१ में की गई थी। संधि के इर्द-गिर्द ज्यादा ध्यान ऑस्ट्रेलिया को परमाणु पनडुब्बी प्रौद्योगिकी प्रदान करने की अमेरिकी और ब्रिटिश योजनाओं पर केंद्रित है।
इस बीच ज्वाइंट ऑपरेशंस कमांड के कमांडर वाइस-एडमिरल बॉब औटरलोनी ने चिंता जताई है। दरअसल औटरलोनी कैनेडा के ज्वाइंट ऑपरेशंस कमांड के कमांडर हैं और वह कैनेडा और सशस्त्र बलों के सामने आने वाले खतरों और चुनौतियों की बारीकी से निगरानी कर सकते है।
फिलहला संघीय उदारवादी सरकार ने यह नहीं बताया है कि कैनेडा AUKUS का हिस्सा क्यों नहीं है। कैनेडा को इसके लिए आमंत्रित किया गया था या नहीं इसके लेकर भी रक्षा मंत्री अनीता आनंद के कार्यालय ने इस सवाल के जवाब को लगातार टाला है। आनंद के प्रवक्ता डैनियल मिंडेन ने इसके बजाय फाइव आईज इंटेलिजेंस-शेयरिंग गठबंधन में कैनेडा की भागीदारी का उल्लेख किया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका और न्यूजीलैंड के साथ-साथ उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड और नाटो सैन्य गठबंधन शामिल हैं।
कुछ विश्लेषकों ने पहले सवाल किया है कि क्या कैनेडा की अनुपस्थिति ओटावा की चीन के साथ सख्त होने में कथित विफलता पर अधीरता का संकेत है। सरकार ने हाल के महीनों में कई तरीकों से चीन पर अपनी स्थिति को सख्त किया है, जिसमें कैनेडा के ५ G नेटवर्क में हुआवेई प्रौद्योगिकी पर प्रतिबंध, महत्वपूर्ण खनिजों में विदेशी स्वामित्व पर नए प्रतिबंध और भारत-प्रशांत रणनीति का अनावरण शामिल है।
पर इन तीन पड़ोसी देशों के साथ कैनेडा “AUKUS” का हिस्सा क्यों नहीं है यह अब भी यक्ष प्रश्न है।

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