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ब्रिटिश पुलिसकर्मी को महिला के भारतीय लहजे की नकल करने पर ठहराया कदाचार का दोषी

लंदन ,२९ नवंबर । ब्रिटेन में एक पुलिसकर्मी को उस महिला के भारतीय लहजे की नकल करने के लिए कदाचार का दोषी ठहराया गया है, जिसने नवंबर २०२२ में घृणा अपराध की एक घटना की रिपोर्ट करने के लिए फोन किया था।
पुलिस कांस्टेबल पैट्रिक हैरिसन ने कदाचार पैनल के फैसले से पहले वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस से इस्तीफा दे दिया, जिसने फैसला सुनाया कि उसने भेदभावपूर्ण कार्य किया।
पैनल ने कहा कि हैरिसन और महिला के बीच फोन पर बातचीत के बाद, हैरिसन ने कॉल करने वाले द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ वाक्यांशों की नकल की।
महिला ने इन टिप्पणियों को सुना और इस्लामोफोबिया निगरानी समूह, टेल मामा (मुस्लिम विरोधी हमलों को मापने) को मामले की सूचना दी।
हैरिसन ने अपने ‘अस्वीकार्य और अक्षम्य’ व्यवहार को स्वीकार किया और स्वीकार किया कि यह पेशेवर आचरण के मानकों का उल्लंघन और घोर कदाचार है।
पैनल अध्यक्ष कैथरीन वुड ने कहा कि यदि हैरिसन ने इस्तीफा नहीं दिया होता, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया गया होता।
वुड ने फैसला सुनाया कि हैरिसन ने कॉल करने वाली महिला के साथ उसकी जाति के कारण भेदभाव किया था। उन्होंने कहा: पुलिस के भीतर नस्लवाद और इस्लामोफोबिया राष्ट्रीय चिंता के मुद्दे हैं।
हैरिसन ने पैनल को बताया कि उसे अपने कृत्य पर पछतावा है और उसने फोन करने वाले से मिलकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने की पेशकश की।
पैनल ने कहा कि अधिकारी की हरकतों से महिला को ‘मनोवैज्ञानिक परेशानी’ हुई और इसके परिणामस्वरूप पुलिस में उसका ‘भरोसा और विश्वास खत्म’ हो गया।

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