कराची,२७ जनवरी। आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान के हालात दिन प्रतिदिन ख़राब होते जा रहे हैं। रोजमर्रा के खाने के सामान की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। इसके बीच खबर आ रही है कि इस संकट की वजह से पाकिस्तान सरकार सभी विभाग के कर्मचारियों की सैलरी में १० फीसदी की कटौती करने का विचार कर रही है।
‘जियो न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा गठित राष्ट्रीय मितव्ययिता समिति सभी विभागों के सरकारी कर्मचारियों के वेतन में १० फीसदी की कमी करने समेत विभिन्न प्रस्तावों पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, एनएसी मंत्रालयों/विभागों के व्यय में १५ फीसदी की कमी करने, संघीय, राज्य मंत्रियों और सलाहकारों की संख्या ७८ से घटाकर ३० करने पर विचार कर रही है।
वहीं,पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने लगभग ३०० बिलियन रुपए के नए टैक्स उपायों के प्रस्तावों का मसौदा तैयार किया है। ये उपाय कर कानून संशोधन अध्यादेश २०२३ के तहत लागू किए जाएंगे। सूत्रों के हवाले से बिजनस रेकॉर्डर ने बताया कि अध्यादेश अगले ७ से १० दिनों में पेश किया जाएगा। शुरुआत में राजस्व से होने वाली कमाई २०० अरब रुपए थी जिसे अब बढ़ाकर ३०० अरब रुपए कर दिया गया है। शहबाज सरकार जनता पर टैक्स का बोझ ऐसे समय में डाल रही है जब अवाम पहले से आसमान छू रही महंगाई के बोझ तले दबी है।



