लंदन, १३ जनवरी। ब्रिटेन में एक २३ वर्षीय व्यक्ति को लापरवाही से लगभग १०० मील प्रति घंटे की स्पीड से गाड़ी चलाने के लिए छह साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उसकी गाड़ी की चपेट में आने से एक सिख महिला की मौत हो गई थी। महिला का पांच महीने का एक बच्चा था। हाशिम अजीज पिछले साल नवंबर में वेस्ट मिडलैंड्स में स्पीड लिमिट से तीन गुना अधिक स्पीड से गाड़ी चला रहा था। उसकी ऑडी ने बलजिंदर कौर मूर की कोरसा गाड़ी में टक्कर मार दी। हाशिम अपने चचेरे भाइयों को इंप्रेस करने के लिए तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था।
३२ वर्षीय बलजिंदर अपने भाई के घर से अपने पति को लेने जा रही थी और वह ६२ मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रही थी।
वॉल्वरहैम्प्टन क्राउन कोर्ट में दो गवाहों ने बताया कि इस ‘जोरदार धमाके’ से पहले अजीज को ‘१०० मील प्रति घंटे से अधिक’ की स्पीड से गाड़ी चलाते हुए देखा गया।
अभियोजक कैथलिन ऑर्चर्ड ने कहा कि मामले की गंभीरता के कारण कार के इंजनों में से एक ‘अलग हो गया’, जबकि अन्य टूटे हुए टुकड़े ३० मीटर दूर बिखरे हुए थे।
बलजिंदर को चिकित्सकों ने मौके पर ही मृत घोषित कर दिया।
मिरर के अनुसार, हाईगेट ड्राइव, वाल्सॉल के निवासी अजीज ने शुरू में एक पुलिस साक्षात्कार के दौरान त्रासदी के लिए पीड़ित को दोषी ठहराने की कोशिश की, लेकिन बाद में खतरनाक ड्राइविंग से मौत का कारण मान लिया।
मंगलवार को वॉल्वरहैम्प्टन क्राउन कोर्ट में अपनी सजा के दौरान, अजीज ने दुर्घटना के लिए ‘पूर्ण पश्चाताप’ व्यक्त किया।
अदालत को बताया गया कि अजीज का आपराधिक रिकॉर्ड साफ है।
छह साल की जेल की सजा के अलावा, अजीज पर सात साल के लिए गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।



