इस्लामाबाद ,१० मई । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि अमेरिका देश में सैन्य ठिकाने दिए जाने की मांग कर रहा था, लेकिन मैं उनकी मांगों पर कभी सहमत नहीं हुआ। इमरान खान को पिछले महीने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
इमरान खान ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान में सैन्य ठिकाना चाहता है ताकि वह यहां अफगानिस्तान के आतंकवादियों पर जवाबी हमले कर सके। लेकिन मैंने इसके लिए मना कर दिया। इमरान खान ने आगे कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाले आतंक के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान के पहले ही ८०,००० लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके, उनके बलिदान की कभी सराहना नहीं की गई, इसके बजाय अमेरिकी राजनेता हमें ही जिम्मेदार ठहराने लगे।
उन्होंने आगे कहा, पहले उन्होंने हमें दोषी ठहराया, फिर हमारे देश और आदिवासी इलाकों को नष्ट कर दिया। इसके बाद वह सैन्य ठिकानों की मांग करने लगे। लेकिन मैं इसके लिए कभी तैयार नहीं हुआ और यहीं से हमारे बीच समस्याएं शुरू हो गईं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने जून २०२१ में कहा था कि पाकिस्तान अमेरिका को सैन्य ठिकानों और अपने क्षेत्र का उपयोग करने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं देगा।
इमरान खान का नया बयान उनके द्वारा हाल के पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियों के जैसी थीं, जहां उन्होंने कहा था कि अमेरिका, अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को रोकने के लिए यहां ठिकाने मांग रहा है।



