नई दिल्ली ,२ मई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने १.५४ करोड़ लाभार्थियों को गेहूं के आटे की होम डिलीवरी को मंजूरी दे दी है। लाभार्थियों को एक अक्टूबर से आटा मिलना शुरू हो जाएगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर गेहूं की पिसाई और उसे उनके घर तक पहुंचाने के लिए ६७० करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम योजना के तहत लाभार्थियों को हर तीन महीने में गेहूं दिया जाता था और खर्च १,८२५ करोड़ रुपये था। लाभार्थियों को अब प्रति माह ५ किलोग्राम आटा मिलेगा। कैबिनेट ने सरकारी क्षेत्र में २५,००० लोगों की भर्ती शुरू करने के लिए डिटेल पर भी काम होगा। यह फैसला पहली बैठक में लिया गया और सभी विभागों को रिक्तियों की पहचान करने को कहा गया है।
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री मान की ओर से घोषित निजी ट्रांसपोर्टरों के लिए एमनेस्टी योजना पर भी कैबिनेट की मंजूरी ली गई। इस योजना के तहत, ७८,००० बस, ऑटो और टैक्सी ऑपरेटरों को लाभ होगा क्योंकि वे बिना किसी ब्याज या उन पर लगाए जाने वाले दंड के डर के बकाया का भुगतान कर सकते हैं।



